Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा की चुनावी बिसात पर सोमवार को बड़ा फैसला हो गया। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए मचे घमासान के बीच 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। नामांकन वापसी के साथ ही तस्वीर साफ हो गई कि Sharad Pawar, Abhishek Manu Singhvi और केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale समेत 26 नेता बिना मुकाबले संसद के ऊपरी सदन पहुंच रहे हैं। विपक्षी दलों ने कई जगह अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं उतारे, जिसकी वजह से इन नेताओं को बिना मतदान के ही राज्यसभा की सदस्यता मिल गई। अब सारी हलचल बिहार, ओडिशा और हरियाणा की उन 11 सीटों पर सिमट गई है, जहां असली चुनावी रण होना बाकी है।
किन राज्यों में निर्विरोध चुने गए नेता?
निर्विरोध निर्वाचन वाले राज्यों में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु शामिल हैं। महाराष्ट्र से शरद पवार और रामदास अठावले के अलावा भाजपा के विनोद तावड़े को भी बिना मुकाबले जीत मिली है। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी और हिमाचल से कांग्रेस के अनुराग शर्मा भी बिना किसी विरोध के चुन लिए गए हैं।
असम से किन नेताओं को मिली जीत
असम से भाजपा के Jogen Mohan और Teros Gowala के साथ गठबंधन सहयोगी यूपीपीएल (UPPL) के Pramod Boro निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने इन तीनों नेताओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ये नेता राज्यसभा में असम के लोगों के हितों और विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
इन राज्यों में होगा चुनाव
हालांकि, बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना तय है। बिहार में नीतीश कुमार (JDU) और नीतिन नबीन (BJP) जैसे बड़े नाम मैदान में हैं, जबकि आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह की वजह से वहां मुकाबला रोचक हुआ है। इन तीनों राज्यों में सीटों की संख्या से अधिक उम्मीदवार मैदान में होने के चलते अब 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए सभी दल अलर्ट मोड पर हैं और अपनी-अपनी घेराबंदी मजबूत करने में जुट गए हैं।
भाजपा ने क्यों नियुक्त किए पर्यवेक्षक
भाजपा ने इन तीन राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत रखने के लिए वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया है। बिहार में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma और केंद्रीय मंत्री Harsh Malhotra को जिम्मेदारी दी गई है। हरियाणा में गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओडिशा में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री Chandrashekhar Bawankule को पर्यवेक्षक बनाया गया है। अब इन तीन राज्यों में होने वाला मतदान यह तय करेगा कि ऊपरी सदन में पार्टियों का संख्या बल क्या होगा और कौन से दिग्गज बाजी मारेंगे।
