Sikhism in Gujarat: गुजरात के रेगिस्तान में छिपा है एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा, लखपत साहिब का रहस्य

Shikha Mishra | Nedrick News Gujurat Published: 02 मार्च 2026, 01:34 PM Updated: 02 मार्च 2026, 01:47 PM
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Sikhism in Gujarat:  इतिहास गवाह है जब जब सिखो ने हथियार उठाए है एक नया आयाम लिखा गया है, वहीं इतिहास ये भी कहता है कि सभी धर्मों से ज्यादा सिखो को ही संघर्ष करना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने कभी भी सिर झुकाना स्वीकार नहीं किया। वो हर हाल में जंग के मैदान पर टिके रहते और खून के अंतिम कतरे के गिरने तक लड़ते थे, अत्याचार और बंटवारे का दर्द भी उन्हें ही झेलना पड़ा जिसने सीमा पर बसे सिंधी सिखो को न केवल जीने की नई कला सिखाई बल्कि फिर से खुद को नई जगह पर स्थापित करने की वजह भी दी, सिखो के त्याग, उनकी भक्ति, उनके संघर्ष के बाद फिर से बसने की, फलने फूलने की कहानी कहता है गुजरात में फैला सिख धर्म।

गुरुद्वारा लखपत साहिब..

गुजरात जहां प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी के पांव पड़ने मात्र से पूरा रेगिस्तान, पूरा बंजर भक्तिमय हो उठा था, जिसकी कहानी कह रहा है ऐतिहासिक और रहस्यों से भरा गुरुद्वारा गुरुद्वारा लखपत साहिब… जहां आज सिख एक छोटा लेकिन मजबूत संगठन है, जो गुजरात के संपन्न लोगों में गिने जाते है। अपने इस वीडियो में हम गुजरात में सिखिज्म की कहानी को जानेंगे, कैसे यहां सिख पंजाब के बंटवारे के बाद आए और धीरे धीरे एक मजबूत संगठन बन गए।

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गुजरात के बारे में पूर्ण जानकारी 

गुजरात आज के समय में ऐसा राज्य है जो पूरी तरह से ड्राइ स्टेट है, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी गुजरात के ही मुख्यमंत्री रह चुके है, जिन्होंने गुजरात के विकास में कई अहम कदम उठाये। गुजरात का गठन 1 मई 1960 को हुआ था, इससे पहले वो बॉम्बे प्रेसीडेंसी की हिस्सा था। गांधीनगर गुजरात की राजधानी है, और उसके कुल 34 दिले है, जिसमें अहमदाबाद सबसे ज्यादा आबादी वाला जिला है। गुजरात का क्षेत्रफल 196,024 वर्ग किलोमीटर है, जो पूरे भारत में पांचवा सबसे बड़ा राज्य है तो वहीं 2011 के आकड़ो के अनुसार गुजरात की जनसंख्या 6 करोड़ 4 लाख 39 हजार 692 के आसपास थी, जो भारत का नौंवा सबसे आबादी वाला राज्य है।

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गुजरात में गुरु साहिब काफी भावविभोर हुए

चारों धामों में से एक द्वारका गुजरात का ही हिस्सा है, तो वहीं पवित्र शिव ज्योंर्तिलिंग सोमनाथ मंदिर जो कि 17 बार लूटा गया था, वो भी आज शान से यहां खड़ा है। गुजरात के उत्तरपश्चिम में पाकिस्तान दक्षिण पश्चिम में अरब सागर, उत्तर पूर्व में राजस्थान पूर्व में मध्य प्रदेश और दक्षिण में महाराष्ट्र, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव स्थित है। गुजरात का गरबा दुनिया भर में प्रसिद्ध है वहीं गुजरात के डिशेज की भी काफी मांग है और वो काफी फेमस भी है।

गुजरात में सिख धर्म- जब आप गुजरात में सिख धर्म के फलने फूलने की बात करते है तो वो इतिहास प्रथन गुरु गुरु नानक देव जी के आगमन से ही शुरु हो जाता है। गुजरात की पवित्र नगरी द्वाराका में भगवान कृष्ण की लीलाओं के दर्शन करने आये गुरु साहिब काफी भावविभोर हो गए थे, इतना ही नहीं अपनी दूसरी उदासी और चौथी उदासी के दौरान गुरु साहिब जब मक्का की यात्रा पर जा रहे थे, तब वो कच्छ जिले के लखपत में कुछ समय के लिए रूके थे, जहां उनके चरण पादुका आज भी मौजूद है। लखपत में गुरु साहिब चौथी उदासी के दौरान आये थे, और उनकी चरण पादुका के सम्मान में वहां 19वी शताब्दी में गुरुद्वारा लखपत का निर्माण कराया गया।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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