AI Impact Summit: AI समिट में ‘टॉपलेस’ बवाल का मास्टरमाइंड कौन? Narasimha Yadav पर क्यों उठ रहे सवाल

Nandani | Nedrick News
New Delhi
Published: 20 Feb 2026, 04:50 PM | Updated: 20 Feb 2026, 04:50 PM

AI Impact Summit: दिल्ली के प्रतिष्ठित सम्मेलन स्थल भारत मंडपम में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ का समापन दिन तकनीक और नवाचार की चर्चा से ज्यादा राजनीतिक हलचल के नाम रहा। कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल अचानक गर्म हो गया, जब इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने परिसर के भीतर शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विदेशी मेहमानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन ने सियासी पारा चढ़ा दिया।

सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे सरकार की नीतियों और कथित अव्यवस्थाओं के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध करार दिया। देखते ही देखते यह मुद्दा राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया।

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क्या थी प्रदर्शन की वजह? (AI Impact Summit)

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने एआई समिट को एक “पीआर इवेंट” बना दिया है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह विरोध उस प्रधानमंत्री के खिलाफ है, जिन्होंने एआई के मंच पर देश की पहचान से समझौता किया है।

कार्यकर्ताओं का दावा था कि भारतीय डेटा और प्रतिभा के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल हैं और समिट में कुछ विदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

नरसिम्हा यादव की भूमिका पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है नरसिम्हा यादव। वे इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने और उसे समन्वित करने में उनकी अहम भूमिका थी। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें कृष्णा हरि (राष्ट्रीय सचिव), कुंदन यादव (बिहार राज्य सचिव), अजय कुमार (उत्तर प्रदेश राज्य उपाध्यक्ष) और नरसिम्हा यादव शामिल हैं।

भाजपा का तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को घेरने के लिए भारत को वैश्विक मंच पर शर्मिंदा करना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 140 करोड़ भारतीयों की छवि को नुकसान पहुंचाना ही विपक्ष की रणनीति है?

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी योजना थी। उन्होंने दावा किया कि इसकी स्क्रिप्ट पहले से तैयार की गई थी।

भाजपा प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति देश को बदनाम करने तक सीमित हो गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे “एंटी-इंडिया” कृत्य बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इतना बड़ा टेक आयोजन राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए था। वहीं डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे कांग्रेस की हताशा बताया।

कांग्रेस का बचाव और पलटवार

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि एआई समिट भारत की असली ताकत दिखाने का मंच बन सकता था, लेकिन यह अव्यवस्थित आयोजन बनकर रह गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय डेटा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और आयोजन में पारदर्शिता की कमी रही।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि यह समिट देश की डिजिटल क्षमता का प्रदर्शन हो सकती थी, लेकिन कुप्रबंधन की वजह से इसकी छवि धूमिल हुई। उन्होंने दावा किया कि आगंतुकों और प्रदर्शकों को भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में परेशानी हुई।

कांग्रेस के भीतर अलग सुर?

दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समिट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शुरुआती दो दिन काफी प्रभावशाली रहे और इतने बड़े आयोजन में छोटी कमियां होना असामान्य नहीं है।

थरूर ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति को बड़ी उपलब्धि बताया और रक्षा सौदों के मुद्दे पर सरकार का समर्थन भी किया। उनका यह रुख कांग्रेस की आधिकारिक आलोचना से थोड़ा अलग नजर आया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा भी शुरू हो गई।

आगे क्या?

फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। एआई जैसे भविष्य की तकनीक पर केंद्रित यह समिट अब राजनीतिक विवाद की वजह से सुर्खियों में है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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