Ajay Banga World Bank President: 2 जून 2023, अमेरिका के इतिहास में ही नहीं बल्कि पूरी सिख कम्युनिटी के लिए भी एक गौरांवित करने वाला दिन था। पूरी दुनिया में हर देश को कर्ज करने वाले वर्ल्ड बैंक के नए प्रेसीडेंट को चुना गया था… जो डोनाल्ड ट्रंप के गाज़ा ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ में शामिल हुए थे। जी हां, सिखो की साख को बढ़ाने वाले सिख है अजय बंगा। जो 2023 से वर्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट के तौर पर काम कर रहे है। भारतीय भूमि में जन्में अजय बंगा एक सफल व्यापारी भी है, हालांकि सालों भारत में रहने के बाद भी 2007 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिली लेकिन फिर भी 2016 में उन्हें भारत के लिए दिए गए योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। अपने इस वीडियो में हम अजय बंगा के बारे मं जानेंगे, कैसे मुम्बई से निकलकर उन्होंने वर्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट तक का सफर तय किया है।
कौन है अजय बंगा?
10 november 1959 को महाराष्ट्र के पुणे में हरभजन सिंह बंगा के घर जन्मे अजयपाल बंगा बचपन से ही काफी अनुशासन पूर्ण जीवन जीने वाले थे। अजय पाल बंगा जालंधर के पंजाबी सिख सैनी परिवार से आते है । उनके पिता भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल थे। उन्होंने अपनी स्कूलिंग शिमला के st एडवर्ड school से की थी, उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के st stephem कॉलेज से इकनॉमिक में बैचलर डिग्री हासिल की, और मास्टर उन्होंने गुजरात के अहमदाबाद से आईआईएम से किया था।
एशिया-पैसिफिक बिज़नेस के चीफ एग्जीक्यूटिव
1981 में नेस्ले में बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन जब इंडिया लिब्रालाइज़्ड हुआ था, तब बंगा पेप्सिको में काम करते थे, जहां उन्होंने पिज्जा हट और केएफसी जैसे कंपनियों को भारत में लाने का काम किया था। जिसके बाद 1996 में वो अमेरिका चले गए जहां उन्होंने सिटीग्रुप के लिए debt collector के रूप में काम करते थे, और फिर सीटी ग्रूप की तरफ से ही 2000 से 2002 तक सिटीफाइनेंशियल और यूएस कंज्यूमर एसेट्स डिवीजन में काम किया था, यहां उनके करियर को काफी बूम मिला और 2005 से 2008 तक कंज्यूमर एसेट्स डिवीजन के chief executive बन कर काम करते रहे थे। इसी दौरान उन्हें 2007 में अमेरिका की नागरिकता दी गई थी।
2008 में बंगा को बैंक के एशिया-पैसिफिक बिज़नेस के चीफ एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करने लगे, और उनके काम के लिए 10 मिलियन डॉलर का कम्पनसेशन मिला, औऱ वो उस साल के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले शख्स बन गए थे। सीटीग्रूप की तरफ से शुरु किये गए मास्टर कार्ड में अप्रैल 2010 में बंगा जहां पहले चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) थे, वहीं 1 जुलाई, 2010 से प्रेसिडेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बनेंगे, और बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के मेंबर चुने गए।
व्यापार के प्रति बंगा की समझ
व्यापार के प्रति बंगा की समझ इतनी मजबूत बन चुकी थी कि उनके प्रेसीडेंट रहते हुए नेट इनकम को छह गुना बढ़ गया, वहीं मार्केट कैपिटलाइज़ेशन को $30 बिलियन से बढ़ाकर $360 बिलियन किया था। साल 2020 में बंगा पॉल पोलमैन की जगह इंटरनेशनल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स (ICC) का चेयरमैन चुने गए थे और 2 जून 2023 को बंगा को वर्ल्ड बैंक का चेयरमैन चुना गया।
बंगा न केवल वर्तमान राष्ट्रपति डोनालंड ट्रंप के करीब है बल्कि वो पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के भी काफी करीब थे, और ओबामा ने उन्हें प्रेसिडेंट की ट्रेड पॉलिसी और बातचीत के लिए एडवाइजरी कमिटी का मेंबर बनाया था। वहीं 23 फरवरी, 2023 को, बंगा को अमेरिका के ही एक और प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने वर्ल्ड बैंक को लीड करने के लिए नॉमिनेट किया था।
अर्थ व्यवस्था में ही नहीं बल्कि राजनीति पर भी कितना मजबूत असर
यानि की आप ये समझ सकते है कि बंगा का अमेरिका की अर्थ व्यवस्था में ही नहीं बल्कि राजनीति पर भी कितना मजबूत असर रहा है। 2023 में अजयपाल बंगा को कार्नेगी कॉर्पोरेशन ऑफ़ न्यूयॉर्क ने ग्रेट इमिग्रेंट्स अवार्ड्स से सम्मानित किया था। वहीं बंगा की उपल्बधियों के कारण टाइम मैगज़ीन ने 2023 में टाइम 100 क्लाइमेट” पर्सन लिस्ट 64वां स्थान दिया था, वो उस साल इस लिस्ट में शामिल होने वाले इकलौते भारतीय थे।
बंगा ने भारत में गरिबी बेरोजगारी के लिए भेदभाव को जिम्मेदार ठहराया था और उन्होंने इस दिशा में काम करने का फैसला किया था। वो 3 दशक से कंज्यूमर गुड्स, बैंकिंग और ग्लोबल इंस्टीट्यूशन्स के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे है। उनके किये गए कार्यों के कारण न केवल देश का भला हो रहा है बल्कि वो वैश्विक स्तर पर काम कर रहे है, उनके अमेरिका के लिए दिए गए योगदान की ही देन है कि वो केवल अमेरिका में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक लोकप्रिय सिख के रूप में पहचाने जाते है। आपको अजयपाल बंगा की उपलब्धियों को देखकर क्या महसूस होता है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।






























