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Tanker Seizure: ईरान से जुड़े तीन प्रतिबंधित तेल टैंकर भारत ने किए सीज, समुद्र में हाई अलर्ट

Nandani | Nedrick News

Published: 18 Feb 2026, 10:18 AM | Updated: 18 Feb 2026, 10:18 AM

Tanker Seizure: फरवरी महीने में भारत ने एक बड़ा समुद्री कदम उठाते हुए ईरान से जुड़े और अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित तीन तेल टैंकर जहाजों को अपने समुद्री क्षेत्र में सीज कर लिया है। साथ ही अवैध तेल व्यापार पर लगाम लगाने के लिए समुद्री निगरानी भी काफी सख्त कर दी गई है। इस पूरे मामले की जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से दी है, जिसे इस कार्रवाई की सीधी जानकारी है।

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शिप-टू-शिप ट्रांसफर पर नजर (Tanker Seizure)

रिपोर्ट के मुताबिक भारत का मकसद साफ है उसके समुद्री क्षेत्र का इस्तेमाल ऐसे “शिप-टू-शिप” ट्रांसफर के लिए न हो, जिनके जरिए तेल कार्गो के असली स्रोत को छिपाया जा सके। इस तरह के ट्रांसफर का इस्तेमाल अक्सर प्रतिबंधित तेल को वैध दिखाने के लिए किया जाता है।

सूत्र के अनुसार, भारत नहीं चाहता कि उसके जलक्षेत्र का उपयोग ऐसे किसी भी संदिग्ध लेनदेन के लिए हो, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार किया जाए।

अमेरिका-भारत संबंधों के बीच कार्रवाई

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और अमेरिका के रिश्तों में हाल के दिनों में सुधार देखने को मिला है। इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर मुहर लगी है। इसके तहत अमेरिका में भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा।

अमेरिका का यह भी कहना है कि भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने पर सहमति जताई है। ऐसे माहौल में प्रतिबंधित जहाजों पर भारत की यह कार्रवाई खास मायने रखती है।

किन जहाजों को पकड़ा गया?

सूत्र के मुताबिक जिन तीन टैंकरों को सीज किया गया है, उनके नाम हैं स्टेलर रूबी, एस्फाल्ट स्टार और अल जाफ़ज़िया। ये जहाज अक्सर जिन देशों के तटों से गुजरते थे, वहां की एजेंसियों से बचने के लिए अपनी पहचान बदल लेते थे। इनके मालिक भी विदेशों में स्थित बताए गए हैं।

बताया गया है कि 6 फरवरी को भारतीय अधिकारियों ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी थी कि भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में एक टैंकर की संदिग्ध गतिविधि पकड़ी गई है। इसके बाद मुंबई से करीब 100 समुद्री मील पश्चिम में तीन जहाजों को रोका गया। हालांकि बाद में यह पोस्ट हटा दी गई, लेकिन सूत्र ने पुष्टि की कि तीनों जहाजों को आगे की जांच के लिए मुंबई लाया गया।

तटरक्षक बल की चौकसी बढ़ी

घटना के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्री क्षेत्रों में निगरानी और सख्त कर दी है। जानकारी के अनुसार करीब 55 जहाज और 10 से 12 विमान चौबीसों घंटे निगरानी में लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

क्या ईरान से जुड़े हैं ये जहाज?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल अमेरिकी वित्त विभाग के तहत आने वाले U.S. Office of Foreign Assets Control ने ग्लोबल पीस, चिल 1 और ग्लोरी स्टार 1 नाम के जहाजों पर प्रतिबंध लगाया था। इन जहाजों के IMO नंबर उन टैंकरों से मेल खाते हैं जिन्हें भारत ने पकड़ा है।

LSEG के आंकड़ों के अनुसार, तीन में से दो टैंकर ईरान से जुड़े हैं। अल जाफ़ज़िया ने 2025 में ईरान से जिबूती तक फ्यूल ऑयल पहुंचाया था, जबकि स्टेलर रूबी ईरानी झंडे के तहत पंजीकृत था। वहीं एस्फाल्ट स्टार ज्यादातर चीन के आसपास के समुद्री मार्गों पर सक्रिय रहा है।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते ऐसा तेल और फ्यूल आमतौर पर भारी छूट पर बेचा जाता है, जिससे अवैध व्यापार का खतरा बढ़ जाता है। भारत की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि वह अपने समुद्री क्षेत्र को ऐसे नेटवर्क से दूर रखना चाहता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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