Ghaziabad Triple Death: गाजियाबाद में एक ऊंची बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से तीन बहनों की अचानक मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। 16, 14 और 12 साल की इन मासूम लड़कियों की आत्महत्या सिर्फ़ एक दुखद घटना नहीं है, बल्कि इसने कई रहस्यमयी सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन को लेकर झगड़े और पारिवारिक उलझनें, ये सभी हर दिन जांच में नए सुराग बनकर सामने आ रहे हैं। इसके अलावा, 2015 में उनके पिता की लिव-इन पार्टनर की मौत भी जांच को और जटिल बना रही है। क्या इन घटनाओं के पीछे इन टीनएजर्स का अकेलापन ही एकमात्र कारण है, या कोई और छिपा हुआ सच है?
सुसाइड नोट में पिता को संबोधित भावनाएं (Ghaziabad Triple Death)
पुलिस ने कमरे से एक सुसाइड नोट और नौ पन्नों की डायरी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, नोट में लड़कियों ने अपने पिता को सीधे संबोधित किया है, लेकिन मां का नाम कहीं नहीं आया। इससे संकेत मिलता है कि बच्चियां भावनात्मक रूप से पिता के अधिक जुड़ी हुई थीं। पुलिस और जांच एजेंसियां परिवार के सदस्यों से लगातार पूछताछ कर रही हैं और घटनाक्रम की हर जानकारी जुटा रही हैं।
मोबाइल फोन और डिजिटल एक्टिविटी का तनाव
जांच में यह भी सामने आया कि पिता ने कुछ समय पहले बेटियों के मोबाइल फोन ले लिए थे। कारण था ऑनलाइन गेम्स, कोरियन ऐप्स और विदेशी दोस्तों के संपर्क में बढ़ोतरी। अधिकारियों ने बताया कि पिता ने यह कदम डिजिटल एक्टिविटी को नियंत्रित करने के लिए उठाया था।
बाद में फोन बेच दिए गए। घटना वाली रात लड़कियों ने मां का फोन इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन ज़रूरी ऐप्स उसमें उपलब्ध नहीं थे।
डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने बताया, “साइबर टीम अब फोन के IMEI नंबर के जरिए पुराने डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। डिजिटल एक्टिविटी और पारिवारिक बयान में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।”
2015 का पुराना आत्महत्या मामला
जांच आगे बढ़ने पर यह भी सामने आया कि साल 2015 में तीनों लड़कियों के पिता की लिव-इन पार्टनर छत से गिरकर मारी गई थीं। उस समय इसे संदिग्ध माना गया था, लेकिन बाद में इसे आत्महत्या बताकर केस बंद कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल 2015 की घटना और वर्तमान तीन बहनों की मौत के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं मिला है, लेकिन परिवार के इतिहास को समझने के लिए इसे भी जांच में शामिल किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक ही परिवार में अलग-अलग समय पर ऐसी घटनाओं की पृष्ठभूमि को देखना जरूरी है
जटिल पारिवारिक संरचना
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों बहनों के पिता की तीन पत्नियां थीं। तीनों बहनें सगी हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या घर का माहौल, रिश्तों की जटिलता और भावनात्मक असंतुलन बच्चों की मानसिक स्थिति पर असर डाल रहे थे।
एक अधिकारी ने कहा, “हम यह देख रहे हैं कि क्या घरेलू वातावरण बच्चों के लिए सहायक था या दबावपूर्ण।”
सुसाइड नोट और डायरी की जांच
तीनों बहनों के कमरे से मिली डायरी और नोट फॉरेंसिक लैब में भेजी गई हैं। हैंडराइटिंग, फिंगरप्रिंट और इंक टेस्ट चल रहे हैं। अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह कदम अचानक उठाया गया या लंबे समय से मानसिक दबाव बन रहा था।
महिला आयोग की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा, “मामला केवल मोबाइल फोन या ऐप्स तक सीमित नहीं लगता। बच्चों पर पढ़ाई का दबाव और माता-पिता की लापरवाही भी महत्वपूर्ण कारक हो सकते हैं।” महिला आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस की व्यापक जांच
डीसीपी पाटिल ने बताया कि जांच के तहत डिजिटल एक्टिविटी, पारिवारिक रिश्ते, सुसाइड नोट और डायरी का विश्लेषण, पुराने मामले की पृष्ठभूमि और सामाजिक सर्कल से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम किसी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं करेंगे। सभी सबूतों और रिपोर्टों के आधार पर कार्रवाई होगी।”
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