Delhi Biker Kamal Jain accident: लापता की गुहार, जवाब मिला “सुबह देखेंगे”, क्या कमल की जान बच सकती थी?

Nandani | Nedrick News

Published: 08 Feb 2026, 09:43 AM | Updated: 08 Feb 2026, 09:43 AM

Delhi Biker Kamal Jain accident: दिल्ली में सड़क पर खुले गड्ढे एक बार फिर जानलेवा साबित हुए हैं। नोएडा के युवराज की तरह ही अब दिल्ली के रोहिणी इलाके में रहने वाले कमल की भी गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। कमल सोमवार देर रात अपने दफ्तर से घर लौट रहा था, लेकिन तय समय पर जब वह घर नहीं पहुंचा, तो परिवार की चिंता धीरे-धीरे एक दर्दनाक सच्चाई में बदल गई।

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रोज का वही रास्ता, वही समय… फिर भी नहीं पहुंचा घर (Delhi Biker Kamal Jain accident)

कमल एक बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था और बीते तीन सालों से रोज एक ही रूट से ऑफिस से घर आता-जाता था। दोस्तों और परिवार वालों के मुताबिक, वह न तो रास्ता बदलता था और न ही देर करता था। सोमवार रात करीब 11 बजकर 53 मिनट पर उसकी आखिरी बार परिवार से बात हुई थी। उसने बताया था कि वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर पहुंच चुका है और 15 मिनट में घर आ जाएगा।

लेकिन 15 मिनट बीत गए, फिर आधा घंटा हो गया और जब कमल घर नहीं पहुंचा, तो परिवार वालों की बेचैनी बढ़ने लगी। बार-बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद परिजनों और दोस्तों ने खुद ही तलाश शुरू कर दी।

पूरी रात तलाश, थानों के चक्कर, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं

परिवार का आरोप है कि वे पूरी रात दिल्ली के आधा दर्जन से ज्यादा थानों के चक्कर लगाते रहे। जनकपुरी, विकासपुरी, सागरपुर, डाबड़ी, रोहिणी सेक्टर-10 और डी-ब्लॉक जैसे थानों में जाकर गुहार लगाई गई, लेकिन कहीं भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई।

परिजनों का कहना है कि जनकपुरी थाने में जब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की गई, तो पुलिस ने यह कहकर मना कर दिया कि 24 घंटे पूरे होने के बाद ही गुमशुदगी दर्ज की जाती है। परिवार ने पुलिस से सिर्फ इतनी मांग की थी कि जब तक मोबाइल चालू है, उसकी लोकेशन ट्रैक कर मदद की जाए।

मोबाइल लोकेशन मिली, लेकिन तलाश अधूरी रही

परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक की और एक लोकेशन भी बताई, लेकिन वह तुरंत डिलीट कर दी गई। दोबारा जानकारी मांगे जाने पर कहा गया कि लोकेशन गोपनीय है। बस इतना बताया गया कि फोन एक पार्क के आसपास करीब 200 मीटर के दायरे में है।

पुलिस के दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पार्क की तलाशी ली गई, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। परिवार का सवाल है कि जब इतना सीमित इलाका पता था, तो पूरे इलाके में गंभीरता से सर्च क्यों नहीं की गई।

“अब रात हो गई है, सुबह देखेंगे”

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने यह कहकर आगे तलाश से मना कर दिया कि रात में सर्च संभव नहीं है और सुबह टीम आएगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए भी अगले दिन आने को कहा गया। इसी बीच कमल के पिता, भाई, दोस्त और रिश्तेदार पूरी रात सड़कों पर भटकते रहे।

परिवार का दावा है कि सागरपुर थाने में उन्हें यह तक कह दिया गया कि ऐसे मामले रोज होते हैं। सिर्फ नाम, बाइक नंबर, मोबाइल नंबर और फोटो लेकर व्हाट्सऐप ग्रुप में डालने की बात कही गई।

सुबह आई कॉल और सामने आया दर्दनाक सच

पूरी रात तलाश के बाद जब परिजन सुबह घर लौट ही रहे थे, तभी कमल के भाई के फोन पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि एक एक्सीडेंट हुआ है और तुरंत मौके पर पहुंचने को कहा गया।

जब परिवार मौके पर पहुंचा, तो देखा कि कमल अपनी बाइक के साथ एक खुले गड्ढे में गिरा हुआ था। यही वह इलाका था, जहां रात में मोबाइल लोकेशन बताई गई थी।

खुला गड्ढा बना मौत की वजह

मौके पर सड़क पर एक बड़ा, खुला और बिना किसी बैरिकेडिंग का गड्ढा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढा काफी समय से खुला था। न तो वहां पर्याप्त रोशनी थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई सुरक्षा इंतज़ाम। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात के अंधेरे में बाइक सवार युवक इस गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसा या लापरवाही? परिवार ने जताई हत्या की आशंका

परिजन इस हादसे के लिए जल बोर्ड और संबंधित एजेंसियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका सवाल है कि अगर सड़क पर काम चल रहा था, तो सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए। अगर रास्ता खोदा गया था, तो उसे ठीक से बंद क्यों नहीं किया गया।

परिवार ने यह आशंका भी जताई है कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि संभव है कि किसी ने कमल की हत्या कर शव को गड्ढे में फेंक दिया हो। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस की सफाई: “पूरी रात परिवार के साथ रहे”

दिल्ली पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जैसे ही परिजन थाने पहुंचे, मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे विकासपुरी थाने में जानकारी मिली, जहां से एक्सीडेंट और एमएलसी कॉल्स चेक की गईं।

पुलिस का कहना है कि जनकपुरी थाने में मोबाइल टावर लोकेशन निकाली गई और करीब 200 मीटर के दायरे में दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिला स्तर के व्हाट्सएप ग्रुप में कमल की फोटो और जानकारी साझा की गई।

सुबह करीब 8:03 बजे एक स्थानीय नागरिक ने PCR कॉल कर गड्ढे में बाइक और व्यक्ति होने की सूचना दी। पुलिस टीम तीन मिनट के भीतर मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से 8:30 बजे शव बाहर निकाला गया।

सवाल अब भी कायम

इस पूरे मामले ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों, खुले गड्ढों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि अगर समय रहते शिकायत दर्ज होती और सर्च सही तरीके से होती, तो क्या कमल की जान बच सकती थी?

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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