Forgotten singers in Bollywood: फिल्म इंडस्ट्री के बारे में एक बात काफी प्रचलित है, यहां चढ़ते सूरज को सलाम किया जाता.. जो गुमनाम हो गया, उसे ये इंडस्ट्री पूरी तरह से भुला देती है..ऐसे अनिगिनत सितारों की कहानी आपको सुनने और पढ़ने को मिल जायेगी..जो किसी समय पर टॉप स्टार होते है लेकिन अंत के पलो में गुमनामी के अंधेरे में चले जाते है… कई बार तो उनके दुनिया से जाने की खबर तक नहीं मिलती। हालांकि ये केवल फिल्मी सितारों के साथ ही नहीं होता..बल्कि कई सिंगर भी इस लिस्ट में है.. अभी हाल ही में फेमस सिंगर अरीजीत सिंह ने अपने 10 के प्लेबैक सिंगिग करियर को छोड़ने का फैसला किया है, उनके फैंस इससे काफी हताश है, लेकिन इसी इंडस्ट्री में कई ऐसे सिंगर है, जिनकी एक समय में काफी डिमांड रही थी, लेकिन आज उनके पास काम तक नहीं है। अपने इस वीडियो में हम कुछ ऐसे ही सिंगर की बात करेंगे, जो इस वक्त लगभग गुमनाम ही होंगे।
विनोद राठौर
सबसे पहले आते है मुन्ना भाई एमबीबीएस जैसे सुपरहिट गाना गाने वाले और शाहरूख खान के कभी सबसे फेवरेट सिंगर रहे विनोद राठौर… विनोद राठौर मशहूर क्लासिकल संगीतकार पंडित चतुर्भुज राठौर के बेटे है, और एक और फेमस सिंगर रूप कुमार राठौर के भाई है। 1987 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विनोद राठौर ने जब 1992 में फिल्म दीवाना में शाहरूख के लिए “कोई न कोई चाहिए; और ऐसी दीवानगी, देखी नहीं कहीं.. गाना गाया, तो शाहरूख के साथ साथ विनोद राठौर का स्टारडम भी काफी तेजी से उपर उठा। ये फिल्म और इसके गाने सभी सुपर डुपर हिट हुए थे।
1993 और 1994 में विनोद राठौर ने कई सुपरहिट गाने गायें, जिन्हें आज भी पसंद किये जाते है। विनोद राठौर ने सिंगिग के साथ साथ साउथ फिल्मों में डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। हालांकि हिंदी फिल्मों के साथ साथ उन्होंने तेलेगु और बंगाली फिल्मों में भी गाने गए है..उन्होंने अब तक करीब 3500 गाने अलग अलग भाषाओं में गाये है लेकिन 2018 के बाद विनोद राठौर का कोई गाना नहीं आया है। वो कभी कभी ही कैमरे के सामने नजर आते है या फिर वो रिएलिटी शोज में नजर आते है। विनोद राठौर को ऐसा लगता है कि इंडस्ट्री पूरी तरह से भूल चुकी है।
साधना सरगम
साधना सरगम, 80 और 90 के दशक में अपनी गायकी से लोगो को दिवाना बनाने वाली साधना सरगम ने करीब 36 भारतीय भाषाओं में 15,000 से ज़्यादा फिल्मों और नॉन-फिल्म गाने गाए हैं, जिसमें हिंदी, मराठी, तमिल, बंगाली, तेलुगु, असमिया, गुजराती, नेपाली, मेइतेई, ओडिया, कन्नड़, मलयालम के साथ और भी भाषायें शामिल है। इतना ही नहीं साधना सरगम इकलौती ऐसी सिंगर है जिन्हें गैर-दक्षिण भारतीय गायिका होते हुए भी दक्षिण भारतीय गाने के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। साधना सरगम 2021 के बाद प्लेबैक सिंगिग नही कर रही है, हालांकि वो स्टेज शोज करती है, लेकिन बॉलीवुड में उनकी डिमांड कम हो गई है.. नेशनल फिल्मफेयर अवार्ड्स साउथ, 5 महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवार्ड्स और 4 गुजरात स्टेट फिल्म अवार्ड्स से सम्मानित साधना सरगम, अब बॉलीवुड से गायब ही हो गई है।
जॉली मुखर्जी
जॉली मुखर्जी की आवाज सबसे हटके और अलग है। अगर आप उन्हें नाम से नहीं जानते है तो गाने से तो पहचान ही जायेंगे.. आपने डिनो मोरिया और बिपासा बासु की हॉरर थ्रिल फिल्म राज तो देखी ही होगी..इसका एक सुपरहिट सोंग है यहां पर सब शांति शांति है… ये सोंग गाने वाले थे जॉली मुखर्जी.. 1988 में फिल्म दयावान में प्लेबैक सिंगिंग से अपना बॉलीवुड का सफर करने वाले जॉली मुखर्जी ने कई सुपरहिट गाने गाये, एक समय में उनका काफी डिमांड थी, लेकिन धीरे धीरे वो फिल्म इंडस्ट्री से गायब ही हो गये। 2013 में उन्होंने सत्या 2 के गाने ताकत की प्लेबैक सिंगिग की थी। हालांकि वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते है, और स्टेज शोज करते है।
कुणाल गांजावाला
कुणाल गांजावाला फिल्म इंडस्ट्री के ऐसे सिंगर है, जो रातोरात स्टार बन गए थे। इमरान हाशमी और मल्लिका सहरावात की फिल्म मर्डर में भीगे होठ तेरे गाना गाकर लाखों दिलों पर राज करने वाले कुणाल गांजावाला ने प्लेबैक सिंगिग छोड़ दी है, और 2024 में वो अतिंम बार गाते नजर आये है। वहीं अब वो बिजनस पर ध्यान दे रहे है। हिंदी के अलावा कन्नड़, मराठी, बंगाली में भी गाना गाया है। लेकिन शुरुआती दौर में वो जितने पॉपुलर हुए, उसके हिसाब से उन्हें काम नहीं मिला है। इनके अलवा ऐसे कई हस्ती है जो अब गुमनामी में खो गई है..जिनकी सुध लेने की जरूरत कोई नहीं समझता है..जो इडस्ट्री का सबसे भयावाह चेहरा है।
