Luxury cars and high-tech features: आज की दुनिया में, कार सिर्फ़ एक जगह से दूसरी जगह जाने का ज़रिया नहीं रही; यह आपकी लाइफ़स्टाइल और टेक्नोलॉजी के लिए आपकी पसंद को दिखाती है। खासकर लग्ज़री कार सेगमेंट में, मुकाबला हॉर्सपावर से हटकर “ब्रेनपावर” (टेक्नोलॉजी) पर आ गया है। आज की कारों में इतने सारे एडवांस्ड फ़ीचर्स हैं, जिनके बारे में कुछ साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था। लेकिन क्या आप उन हाईटेकफीचर के बारे में जानते है अगर नहीं तो चलिए आपको इस लेख में विस्तार से बताते हैं।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्सनल असिस्टेंट
पहले, कारें बेसिक रूप में आती थीं और उन्हें लोगों की पसंद के हिसाब से मॉडिफाई करना पड़ता था। या, उन्हें ज़्यादा एडवांस्ड बनाने के लिए अलग से पार्ट्स जोड़ने पड़ते थे, लेकिन…अब लग्ज़री कारों में AI-इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड आ रहे हैं जो ड्राइवर के मूड और व्यवहार को समझते हैं। अगर आप थका हुआ महसूस कर रहे हैं, तो कार का AI अपने आप एम्बिएंट लाइटिंग को आरामदायक सेटिंग में एडजस्ट कर देगा और सुकून देने वाला म्यूज़िक चलाएगा। वही फ़ोन की तरह वॉइस कमांड इतने एडवांस्ड हो गए हैं कि आप कार के साथ नैचुरल बातचीत कर सकते हैं। जैसे कि अलेक्सा और श्री के साथ कर सकते हैं।
ऑटोनॉमस ड्राइविंग और ADAS (लेवल 3)
पुरानी कारों में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और ड्राइवर-असिस्टेंस फीचर्स नहीं थे, लेकिन आज, लग्जरी कारों के सबसे बड़े सेलिंग पॉइंट्स में से एक उनके एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) हैं। ये सिस्टम न सिर्फ सड़क पर दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करते हैं, बल्कि इनमें हाईवे पर कार को अपनी लेन में रखने, स्पीड कंट्रोल करने और इमरजेंसी में ब्रेक लगाने की भी क्षमता होती है – ऐसे फीचर्स जो पुरानी कारों के डिज़ाइन में शामिल नहीं थे। अब, कई कारें तो “हैंड्स-फ्री” ड्राइविंग का अनुभव भी देती हैं।
मसाज सीट्स और 4-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल
लग्जरी का असली मतलब आराम है। इन कारों में अब ऐसी सीट्स आती हैं जो न केवल गर्म या ठंडी होती हैं, बल्कि आपको ‘हॉट स्टोन मसाज’ जैसा अनुभव भी देती हैं। 4-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल की मदद से कार में बैठा हर यात्री अपने हिस्से का तापमान अपनी पसंद के अनुसार सेट कर सकता है।
मैजिक बॉडी कंट्रोल (Smart Suspension)
अब सड़क के गड्ढे आपकी चाय खराब नहीं करेंगे। आधुनिक लग्जरी कारों में ऐसे कैमरे लगे होते हैं जो आगे की सड़क को स्कैन करते हैं। अगर कोई गड्ढा या स्पीड बंप दिखता है, तो कार का सस्पेंशन सिस्टम अपने आप पहले से ही एडजस्ट हो जाता है ताकि अंदर बैठे यात्रियों को कोई परेशानी न हो।
डिजिटल हेड्स-अप डिस्प्ले (HUD)
ड्राइवर को सड़क से नजर हटाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए विंडशील्ड पर ही सारी जानकारी (जैसे स्पीड, नेविगेशन मैप और कॉल अलर्ट) प्रोजेक्ट की जाती है। यह किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा अहसास देता है और सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतरीन है।
बायोमेट्रिक एक्सेस और सुरक्षा
पहले, कारों में बायोमेट्रिक एक्सेस (Biometric access) और एडवांस्ड सिक्योरिटी सिस्टम (Advanced security system) जैसे फीचर्स नहीं होते थे। अगर आपकी कार की चाबियां खो जाती थीं, तो आपको नया सेट बनवाना पड़ता था। लेकिन अब, चाबियां खोने का डर पुरानी बात हो गई है। नई लग्जरी कारों में फिंगरप्रिंट सेंसर या फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (Facial recognition technology) आती है। जैसे ही आप कार के पास जाते हैं, वह आपको पहचान लेती है और आपकी पसंद की सीट सेटिंग्स और म्यूज़िक के साथ आपका स्वागत करती है।
Disclaimer: आपको बता दें, लक्ज़री कारें अब सिर्फ़ दौलत की निशानी नहीं दिखाती हैं, वे एडवांस्ड इंजीनियरिंग और इनोवेशन की सबसे अच्छी टेक्नोलॉजी को दिखाती हैं। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी सस्ती होती जा रही है, उम्मीद है कि इनमें से कई फीचर्स जल्द ही हमारी रोज़मर्रा की, बजट-फ्रेंडली कारों में भी देखने को मिलेंगे।





























