ओलंपिक फाइनल में अरशद नदीम ने Neeraj Chopra के साथ ऐसा क्या किया, जो अब उनकी हो रही जमकर आलोचना?

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गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा इस वक्त हर तरफ छाए हुए हैं। हरियाणा के एक गांव के रहने वाले नीरज पूरे देश के हीरो बने हुए हैं। नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।  देश के ओलंपिक इतिहास में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज पहले एथलीट बने। उनकी इस सफलता से देश गदगद है और एक चैंपियन की तरह ही ट्रीट किया जा रहा है। गोल्ड मेडल लाने के बाद नीरज पर इनामों की बारिश हो रही है। हर कोई उनको सम्मानित कर रहा है। 

नीरज को नहीं मिल रहा था उनका भाला

लेकिन क्या आपको मालूम है कि जिस टोक्यो ओलंपिक में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर नीरज ने ये उपलब्धि हासिल की, उस मुकाबले के दौरान उनके साथ सबकुछ ठीक नहीं था। दरअसल, ओलंपिक के फाइनल में नीरज को उनका भाला ही नहीं मिल रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका भाला लेकर पाकिस्तान के अरशद नदीम घूम रहे थे। नीरज ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान ओलंपिक के फाइनल मैच के दौरान हुए इस पूरे किस्से के बारे में बताया है, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चाओं में बना हुआ है। 

इस वजह से पहले थ्रो में हुई देरी

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में नीरज ने बताया- ‘मैं ओलंपिक के फाइनल शुरू होने से पहला भाला ढूंढ रहा था, क्योंकि वो मुझे कहीं मिल ही नहीं रहा था। तब मैंने देखा अरशद नदीम मेरे भाले के साथ घूम रहे थे। तब मैंने उन्हें कहा कि भाई, मेरा जेवलिन मुझे दे दो, ये मेरा है। मुझे इसे फेंकना है। तब उन्होंने मुझे वो वापस दिया।’ नीरज ने आगे ये भी कहा कि आपने देखा होगा कि इस वजह से मुझे अपना पहला थ्रो काफी जल्दबाजी में करना पड़ा। क्योंकि थ्रो फेंकने का टाइम तय होता है।

लोगों ने अरशद नदीम की मंशा पर  उठाए सवाल

वहीं नीरज के इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करने के बाद सोशल मीडिया पर उनका ये बयान काफी सुर्खियों में आ गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अरशद नदीम की आलोचना करते हुए नजर आ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि पाकिस्तान के नदीम ने आखिर ऐसा क्यों किया? क्या वो चाहते थे कि नीरज मेडल ना जीते, इसलिए वो उनका भाला लेकर घूम रहे थे? ऐसी ही तमाम तरह की प्रतिक्रिया लोग सोशल मीडिया पर नीरज के बयान को लेकर देते हुए नजर आ रहे हैं।

 

हालांकि नीरज ने ओलंपिक में अरशद नदीम के प्रदर्शन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि नदीम से सिर्फ क्वालिफाइंग राउंड ही नहीं फाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन किया। नीरज ने पाकिस्तान के लोगों से अरशद नदीम का हौंसला बढ़ाने और उन्हें सपोर्ट करने को भी कहा। 

नीरज को अपना आदर्श मानते हैं अरशद नदीम

आपको बता दें कि ओलंपिक के जेवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा के साथ पाकिस्तान के अरशद नदीम भी पहुंचे थे। हालांकि वो मेडल जीतने से चूक गए। उनको भी मेडल का एक दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि नदीम का प्रदर्शन अच्छा था। हालांकि वो मेडल नहीं जीत पाए और टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे। 

वैसे आपको जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान के अरशद नदीम भारत के नीरज चोपड़ा को ही अपना आदर्श मानते हैं। दरअसल, नदीम पहले क्रिकेट खेलते थे, लेकिन बाद में इस खेल को उन्होंने छोड़ दिया और नीरज से प्रेरणा लेकर जेवलिन थ्रो को ही अपना करियर चुन लिया। 2018 के एशियन गेम्स के दौरान जब नीरज ने गोल्ड मेडल जीता था, तब अरशद ब्रॉन्‍ज मेडल जीतने में कामयाब हुए थे। 

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