कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू क्यों जरूरी? जानिए बैठक में इस पर क्या बोले पीएम मोदी?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 अप्रैल 2021, 05:30 AM Updated: 09 अप्रैल 2021, 05:30 AM
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का जबरदस्त प्रकोप एक बार फिर से देश में छाने लगा है। वैक्सीनेशन के बीच ही देश कोरोना वायरस की दूसरी लहर का भीषण संकट में आ गया है। ये लहर पहले से भी ज्यादा खतरनाक और डरावनी है। कोरोना केस का आंकड़ा अब लाख के पार जाने लगा है। ऐसा 2020 में भी नहीं हुआ था।

कोरोना के इस भीषण संकट से निपटने के लिए कल यानी गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना की इस लहर पर काबू पाने के लिए कुछ सलाह दी। साथ में प्रधानमंत्री ने बैठक में लॉकडाउन नहीं  लगाने के संकेत भी दिए।

‘नाइट कर्फ्यू नहीं कोरोना कर्फ्यू कहें’

पीएम ने बैठक में कहा कि अभी लॉकडाउन की जरूरत देश में नहीं है। साथ ही उन्होनें नाइट कर्फ्यू को भी असरदार बताया। उन्होनें नाइट कर्फ्यू का समर्थन करते हुए कहा कि इसको कोरोना कर्फ्यू का नाम देना चाहिए, जिससे जागरूकता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी बोले कि दुनियाभर में नाइट कर्फ्यू को स्वीकार किया गया। इसको अब नाइट कर्फ्यू की जगह कोरोना  कर्फ्यू से याद रखना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ बुद्दिजीवी डिबेट इस पर डिबेट करते हैं कि क्या कोरोना रात में आता है? सच्चाई ये है कि दुनिया ने नाइट कर्फ्यू को स्वीकार करते हैं क्योंकि हर व्यक्ति को कर्फ्यू के वक्त ये याद रहता है कि मैं कोरोना काल में रह रहा हूं। इससे बाकी जीवन व्यवस्थाओं पर कम से कम असर होता है। अच्छा होगा हम कर्फ्यू रात 9 बजे से सुबह 5 तक चलाएं, जिससे बाकी व्यवस्था प्रभावित ना हो और नाइट कर्फ्यू को कोरोना कर्फ्यू के नाम से प्रचलित करें। ये शब्द लोगों को एकजुट करने के काम आ रहा है।’

पीएम ने दी ये सलाहें भी…

इसके अलावा पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर फोकस करने की भी सलाह दी। उन्होनें कहा कि शहर में छोटे छोटे कंटेनमेंट जोन बनाएं जाएं। पूरा फोकस माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर दें। साथ में उन्होनें ये भी कहा कि  वैक्सीन से ज्यादा चर्चा टेस्टिंग पर करें। वायरस तब ही रुक पाएगा जब मरीज की पहचान होगी। हर राज्य को टेस्टिंग और ट्रैकिंग को बढ़ाना होगा। टेस्टिंग में लापरवाही देखने को मिल रही है। हर राज्य में RT-PCR टेस्ट को बढ़ाया जाना चाहिए। कोरोना ऐसी चीज है, जिसको आप जब तक बाहर से नहीं लाएंगे, तब तक वो नहीं आएगा। इसलिए टेस्टिंग-ट्रेसिंग बढ़ाने की जरूरत है।

नहीं थम रहा कोरोना का प्रकोप

गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बीते दो दिन से लगातार सवा लाख से भी ऊपर केस सामने आ रहे हैं। बात अगर आज शुक्रवार की करें तो सभी रिकॉर्ड टूटते हुए एक लाख 31 हजार से भी अधिक मामले सामने आए। जबकि 780 लोगों की मौत इस दौरान हुई। देश में अभी एक्टिव केस 9 लाख के भी आंकड़े के भी पार पहुंच गए हैं।

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