Mumbai Congress News: 3472 करोड़ की डील से भड़की कांग्रेस, बोली- हमारी जमीन RBI को कैसे दी गई?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 14 Sep 2025, 12:00 AM | Updated: 14 Sep 2025, 12:00 AM

Mumbai Congress News: मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में से एक नरीमन पॉइंट की 4.2 एकड़ जमीन को लेकर एक नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) द्वारा यह जमीन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को 3,472 करोड़ रुपये में बेचे जाने की डील पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस का आरोप है कि वह इस जमीन की स्टेकहोल्डर है और अगर यह सौदा रद्द नहीं हुआ, तो वह कोर्ट का रुख करेगी।

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कांग्रेस का आरोप: हमें पुनर्वास का वादा किया गया था – Mumbai Congress News

कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि पार्टी को सरकार की तरफ से यह वादा किया गया था कि मेट्रो निर्माण के चलते हटाए गए दफ्तरों के लिए वहीं पर पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन अब बिना किसी पारदर्शिता के यह जमीन रिज़र्व बैंक को बेच दी गई। उनका कहना है कि इस जमीन का असली बाजार मूल्य लगभग 5,200 करोड़ रुपये है, जबकि यह सौदा 3,472 करोड़ में करके लगभग 1,800 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है। सावंत ने इस डील को “मनमानी और अहंकारपूर्ण” बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है।

पहले राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर थे इस जमीन पर

बता दें कि यह जमीन पहले कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना जैसे दलों के दफ्तरों के लिए दी गई थी। लेकिन बाद में मेट्रो लाइन-3 के तहत विधान भवन मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए इन दफ्तरों को हटाया गया। अब जब मेट्रो प्रोजेक्ट का काम लगभग पूरा हो चुका है, तो कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसी जगह पर उसे वापस जगह दी जाएगी।

MMRCL का बचाव: सरकारी जमीन थी, अस्थायी तौर पर दी गई थी

इस बीच, MMRCL की मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी भिड़े ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा कि यह जमीन हमेशा से सरकार की थी और पार्टियों को अस्थायी तौर पर दी गई थी। भिड़े ने कहा कि यह डील पूरी तरह पारदर्शी है और इससे मिले पैसे राज्य सरकार को ट्रांसफर किए जाएंगे, ताकि जरूरत के मुताबिक पुनर्वास किया जा सके। उनका यह भी कहना है कि यह सौदा मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी फंड जुटाने के उद्देश्य से किया गया है।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं की भी आपत्ति

इस डील पर पर्यावरण कार्यकर्ता जोरू भठेना ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस जमीन को आरबीआई को देने के बजाय यहां फिर से हरित क्षेत्र और सार्वजनिक खेल मैदान बनाया जाए। उनका कहना है कि पहले यहां पेड़ों से घिरा मैदान हुआ करता था और मेट्रो प्राधिकरण ने वादा किया था कि काम खत्म होने के बाद ग्रीन स्पेस को दोबारा बहाल किया जाएगा।

RBI के लिए क्यों अहम है यह डील?

यह डील इस साल की सबसे बड़ी लैंड डील मानी जा रही है। यह जगह मंत्रालय, बॉम्बे हाईकोर्ट और कई बड़े कॉर्पोरेट ऑफिसों के पास है, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है। RBI ने इस जमीन को अपने मुख्यालय के विस्तार के लिए खरीदा है। पहले से ही उसका मुख्यालय मिंट रोड पर स्थित है, और यह नई जमीन उसे मुंबई में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने का मौका देगी।

टेंडर रद्द कर सीधे RBI को दी गई जमीन

दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल MMRCL ने इस जमीन को बेचने के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन जनवरी 2025 में RBI ने सीधे रुचि दिखाई और फिर टेंडर को रद्द कर यह डील RBI को दे दी गई। 5 सितंबर को यह सौदा आधिकारिक रूप से रजिस्टर्ड हुआ और इसके लिए 208 करोड़ रुपये से ज्यादा की स्टांप ड्यूटी भी चुकाई गई।

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