मसूरी में मौजूद है गुरु नानक देव जी की कुंडली, इतिहासकार ने की संरक्षित करने की मांग

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 10 दिसम्बर 2024, 05:30 AM Updated: 10 दिसम्बर 2024, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Guru Nanak Dev Ji Kundali: सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती देश-दुनिया भर के सिख समुदाय के लिए खास अवसर होती है। गुरु नानक की शिक्षाओं और उनके जीवन के योगदान को याद करते हुए हर साल उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। इसी बीच मसूरी में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण धरोहर सामने आई है, जो न सिर्फ सिख धर्म के अनुयायियों बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। मसूरी में गुरु नानक देव जी की जन्म कुंडली मौजूद है (Kundali of Guru Nanak), जिसे अब संरक्षित करने की मांग की जा रही है।

और पढ़ें: अमेरिकी अदालत का वो ऐतिहासिक फैसला, जिसने सिखों को अमेरिकी मरीन में दाढ़ी और पगड़ी पहनने की दी अनुमति

गुरु नानक देव जी की कुंडली: ऐतिहासिक महत्व- Guru Nanak Dev Ji Kundali

मसूरी के प्रसिद्ध इतिहासकार गोपाल भारद्वाज (Famous historian Gopal Bhardwaj) ने हाल ही में इस ऐतिहासिक दस्तावेज का जिक्र किया और बताया कि उनके पूर्वजों ने गुरु नानक देव जी की जन्म कुंडली बनाई थी, जो आज भी उनके पास सुरक्षित है। यह कुंडली न केवल सिख धर्म, बल्कि भारतीय इतिहास और संस्कृति के लिए भी एक महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती है। गोपाल भारद्वाज ने इस कुंडली को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

Guru Nanak Dev Ji Kundali, sikhism
source: Google

उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार के सदस्य, विशेष रूप से उनके पिता और पूर्वजों ने भारतीय राजनीति और धर्म के कई महत्वपूर्ण हस्तियों की जन्म कुंडलियों का निर्माण किया था। इन हस्तियों में कुछ प्रमुख भारतीय नेताओं और धर्मगुरुओं के नाम शामिल हैं। आज भी इन कुंडलियों की असल प्रतिलिपियां उनके पास मौजूद हैं। गोपाल भारद्वाज ने अपने परिवार और पूर्वजों के इस कार्य को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी की जन्म कुंडली को मसूरी गुरुद्वारा समिति को उपहार स्वरूप दिया जाएगा, ताकि यह धरोहर सभी के लिए उपलब्ध हो सके।

सरकार की अनदेखी: इतिहास को संरक्षित करने की जरूरत

इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की अनदेखी के कारण मसूरी और अन्य जगहों के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित नहीं किया जा सका है। उन्होंने कई बार मसूरी नगर पालिका और राज्य सरकार से अनुरोध किया कि ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए एक म्यूजियम का निर्माण किया जाए। उनका कहना था कि यदि इन धरोहरों को संरक्षित किया जाता है, तो न केवल स्थानीय समुदाय को गर्व महसूस होगा, बल्कि देश और दुनिया भर के पर्यटक और शोधकर्ता भी इन ऐतिहासिक अवशेषों का लाभ उठा सकेंगे।

Guru-Nanak , Sikh Guru
Source: Google

गोपाल भारद्वाज का यह भी कहना था कि मसूरी का इतिहास बहुत समृद्ध है और यहां से जुड़े ऐतिहासिक घटनाएं, संस्कृति और धार्मिक पहलू देश के अन्य हिस्सों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। यदि इन ऐतिहासिक तथ्यों और धरोहरों को संरक्षित नहीं किया जाता है, तो यह भारतीय संस्कृति और इतिहास का बड़ा नुकसान होगा।

मसूरी में गुरु नानक देव जी की जन्म कुंडली: भविष्य के लिए एक धरोहर

गुरु नानक देव जी की जन्म कुंडली न केवल सिख धर्म के अनुयायियों के लिए, बल्कि भारतीय संस्कृति और इतिहास के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह दस्तावेज़ उन धार्मिक विचारों और शिक्षाओं की साक्षी है, जिनसे पूरे विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश मिलता है। इनका संरक्षित होना न केवल सिख धर्म की पहचान को सम्मान देने वाला कदम होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाएगा।

और पढ़ें: जानें कौन है अमर सिंह, जिन्हे  “2023 न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलियन ऑफ द ईयर” से किया गया था सम्मानित

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds