भारत में किस हाल में जी रहा है आज का दलित समाज?
1850 से 1936 तक ब्रिटिश साम्राज्यवादी सरकार इन्हें दबे-कुचले वर्ग के नाम से बुलाती थी. वहीं अगर हम दो करोड़ दलित ईसाईयों और 10 करोड़ दलित मुसलमानों को भी जोड़ लें, तो भारत में दलितों की कुल आबादी करीब 32 करोड़ बैठती है.जो कि भारत की कुल आबादी का एक चौथाई है. पूंजीवाद और साम्राज्यवादी...
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