प्रेमानंद जी के सत्संग: अगर संसारिक पढ़ाई का अध्यात्म में महत्व ही नहीं है तो हम पढ़ाई क्यों करें ?
श्री प्रेमानंद महाराज जी जो वृंदावन में रहते हैं और राधा रानी को अपना ईश्वर साथ ही खुद को भक्त मानते हैं. महाराज जी की जुबान पर श्री जी का नाम होता है और श्री जी के नाम से ही वो भजन करते हैं. जहाँ प्रेमानंद महाराज जी जहाँ सुबह 2 बजे उठकर वृंदावन की...
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