उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अतीक अहमद के साथ कोर्ट ने उसका केस लड़ने वाले वकील खान सौलत हनीफ को भी उम्र कैद की सजा हुई है. कोर्ट में यह बात साबित हो गयी है कि उमेश पाल अपहरण और हत्याकांड में वकील खान सौलत हनीफ का भी हाथ था.और सूत्रों के मुताबिक उमेश की हत्या के दौरान हनीफ अतीक के चकिया कार्यालय में मौजूद था.
किस तरह से साजिश में शामिल वकील?
कौर्ट में ये बात साबित हो गयी है कि जब उमेश का अपहरण कर जब अतीक के कार्यालय लाया गया था तब वहां वकील हनीफ पहले से ही एक कागज लिए मौजूद थे. जिसमे अतीक अहमद के समर्थन में बयान लिखा हुआ था. उमेश पाल को वह कागज दिया गया और साथ में ये धमकी भी दी की जो इसमें लिखा हुआ है वही बयान दे.

एमपी एमएलए की अदालत के जज दिनेश चन्द्र शुक्ल ने अपने फैसले में बताया कि वकील को उमेश के अपहरण की पूरी जानकारी थी, जिसमे फैलसा आने के बाद वकील को भी उम्रकैद की सजा के साथ जेल भेज दिया गया. और साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा.
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कौन है सौलत हनीफ?
खान सौलत हनीफ प्रयागराज स्थित अतीक अहमद के सीनियर वकील हैं. वह लंबे समय से अतीक के साथ जुड़े हैं. इससे पहले भी उन्होंने में कई मामलों अतीक अहमद की पैरवी है. वह अतीक के लिए सत्र न्यायलय से उच्चत न्यायलय तक गए हैं. अतीक को करीब तीन दशक तक सजा से बचाने की श्रेय भी हनीफ को ही जाता है.
वकालत रजिस्ट्रेशन भी हुआ रद्द
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने वकील हनीफ का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त कर दिया है जिसके चलते अब वो कभी भी वकालत नहीं कर पाएंगे. काउंसिल ने ये फैसला उमेश पाल काण्ड में दोषी पाए जाने के बाद लिया.
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क्यों हुआ था उमेश का अपहरण?
उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में अहम् गवाह थे. साल 2005 में 25 जनवरी की दोपहर बसपा के तत्कालीन विधायक राजू पाल की बीच सड़क गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्या का आरोप अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ पर लगा था. अब कोर्ट में यह साबित हुआ है कि साल 2006 में अतीक अहमद ने उमेश पाल को अगवा कर उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया था.



























