Vikram University Controversy: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय इन दिनों एक विवाद को लेकर चर्चा में है। बीकॉम, बीबीए और बीसीए तृतीय वर्ष की फाउंडेशन कोर्स परीक्षा में पूछा गया एक सवाल विवाद का कारण बन गया है। इस सवाल को लेकर अलग-अलग संगठनों ने आपत्ति जताई है और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है।
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क्या था विवादित सवाल?
सोमवार को आयोजित परीक्षा के दौरान छात्रों से एक सवाल पूछा गया, “अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है”। इसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें सोमेश्वर, खुदा, शक्तिवान और दंड देने वाला शामिल थे।
यह सवाल भाषा एवं संस्कृति खंड के तहत पूछा गया था, लेकिन इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। कई संगठनों का कहना है कि इस तरह के प्रश्न छात्रों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं।
हिंदू संगठनों का विरोध | Vikram University Controversy
इस सवाल के सामने आने के बाद उज्जैन और रतलाम में हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों ने विरोध जताया। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े पेपर में इस तरह के संवेदनशील और धार्मिक सवाल पूछना उचित नहीं है। संगठनों ने पेपर तैयार करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि परीक्षा में शामिल प्रश्नों को तैयार करते समय सभी धर्मों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में
विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया है। कुलसचिव अनिल कुमार शर्मा ने मामले की जांच के आदेश देते हुए इसे परीक्षा समिति को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अगर कोई प्रश्न विवादित पाया जाता है, तो उसे विशेषज्ञों की समिति के पास भेजा जाता है। अब यह समिति तय करेगी कि सवाल सिलेबस और शैक्षणिक मानकों के अनुरूप था या नहीं।
साथ ही कुलपति अर्पण भारद्वाज ने भी परीक्षा नियंत्रक से इस मामले में जवाब मांगा है और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई है।
गलती मिलने पर होगी कार्रवाई
कुलसचिव के मुताबिक, अगर जांच में कोई गलती सामने आती है, तो संबंधित एग्जामिनर को नोटिस दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह एक अकादमिक मामला है और बिना पूरी जांच के कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
छात्रों के अंक को लेकर असमंजस
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर इस प्रश्न को गलत या अनुचित माना जाता है, तो छात्रों को अंक किस आधार पर दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर इस मुद्दे पर भी चर्चा चल रही है। संभावना है कि या तो इस सवाल को हटाकर बाकी प्रश्नों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा या फिर सभी छात्रों को इस प्रश्न के अंक दिए जा सकते हैं।
फिलहाल जांच जारी
फिलहाल, विवादित सवाल को लेकर जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और परीक्षा समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।




























