UP GBC 5.0: उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को और तेज करने के लिए सरकार एक बार फिर बड़े स्तर पर कदम उठाने जा रही है। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य सरकार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (GBC) 5.0 की तैयारियों में जुटी है। इस बार का आयोजन काफी बड़ा होने वाला है, जिसमें 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास होने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निवेश लक्ष्य में बड़ा इजाफा (UP GBC 5.0)
शुरुआत में इस आयोजन के लिए 6 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव बताता है कि सरकार निवेश को लेकर कितनी गंभीर है और राज्य को निवेशकों के लिए और ज्यादा आकर्षक बनाने की दिशा में काम कर रही है। अलग-अलग सेक्टरों में निवेश प्रस्ताव तेजी से आ रहे हैं, जिन्हें अब जमीन पर उतारने की तैयारी है।
पहले चार जीबीसी से मजबूत आधार
अधिकारियों के अनुसार, अब तक आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं। इन प्रोजेक्ट्स के चलते करीब 60 लाख युवाओं को रोजगार के मौके मिले हैं। यही अनुभव अब GBC 5.0 को और बेहतर बनाने में काम आएगा। सरकार की कोशिश है कि इस बार निवेश प्रस्तावों को और तेजी से लागू किया जाए।
किन सेक्टरों पर रहेगा फोकस
इस बार जीबीसी 5.0 में इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्री, डिफेंस और फार्मा जैसे बड़े सेक्टरों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही नए और उभरते क्षेत्रों में भी निवेश को बढ़ावा देने की योजना है। इससे राज्य की औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और नई इंडस्ट्री स्थापित होने का रास्ता साफ होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर से बदली प्रदेश की तस्वीर
पिछले कुछ सालों में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काफी बदलाव देखने को मिला है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे मौजूद हैं। इससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर
सरकार का मानना है कि GBC 5.0 के जरिए न सिर्फ निवेश बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर स्किल्ड रोजगार भी पैदा होंगे। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समय पर पूरा करने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें।
तारीख तय नहीं, लेकिन तैयारियां तेज
हालांकि GBC 5.0 की तारीख अभी तय नहीं की गई है, लेकिन तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। सरकार इसे एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है, जो उत्तर प्रदेश को निवेश का ‘ड्रीम डेस्टिनेशन’ बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन प्रदेश के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जिससे लाखों लोगों की जिंदगी पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
