हाथरस कांड पर SIT ने सौपी 300 पन्‍नों की जांच रिपोर्ट, बाबा को दे दी क्लीन चिट, अफसरों पर कर दी सवालों की बौछार

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 Jul 2024, 12:00 AM | Updated: 09 Jul 2024, 12:00 AM

2 जुलाई को उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई थी। घटना के एक सप्ताह के भीतर ही 300 पन्नों की एसआईटी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई। यह रिपोर्ट मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, आयोजन समिति की अक्षमता के कारण भगदड़ मची थी। इसके अलावा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताई गई है। हालांकि, इस रिपोर्ट में साकार विश्व हरि के नाम से मशहूर सूरजपाल का जिक्र नहीं किया गया है। उन्हें “भोले बाबा” के नाम से भी जाना जाता है।

और पढ़ें: यूपी: बाबा की अकूत संपत्ति का खुलासा, 21 बीघा आश्रम और लाखों रुपए का दान, दानदाताओं को मिलती है ये खास सुविधा

एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत 6 लोग निलंबित

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी 300 पन्नों की रिपोर्ट में 119 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम, सीओ और तहसीलदार समेत 6 लोगों को निलंबित कर दिया गया है। हाथरस कांड की गहन जांच के लिए न्यायिक आयोग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोजकों ने जिन लोगों को बिना पुलिस वेरिफिकेशन के साथ जोड़ा था, उन्होंने अराजकता फैलाई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त आईपीएस हेमंत राव और सेवानिवृत्त आईपीएस भावेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक अलग न्यायिक आयोग भी हाथरस भगदड़ मामले की जांच कर रहा है।

सीएम ने कहा हर पहलू की जांच हो

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ के बाद घोषणा की थी कि मामले के सभी पहलुओं, जिसमें साजिश भी शामिल है, की जांच की जाएगी। 5 जुलाई को, एडीजी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन्होंने भगदड़ के पीछे साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया है और कहा कि घटना के आयोजकों को दोष लेना चाहिए। अब तक, 2 जुलाई के कार्यक्रम के कुप्रबंधन के लिए पुलिस सहित सरकारी संस्थाओं द्वारा आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम में 80,000 से अधिक लोग शामिल हुए, जिसमें 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। हालांकि, 6 जुलाई को, “स्वयंभू” धर्मगुरु के वकील ने दावा किया था कि “कुछ अज्ञात लोगों” ने “कुछ जहरीला पदार्थ” छिड़का था, जिससे भगदड़ मची थी।

भगदड़ के सिलसिले में अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मधुकर हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलराई गांव में दो जुलाई को स्वयंभू संत सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि उर्फ ​​भोले बाबा के सत्संग का मुख्य आयोजक और धन जुटाने वाला था।

हालांकि, मामले में दर्ज एफआईआर में भोले बाबा का नाम आरोपी के रूप में दर्ज नहीं है।

और पढ़ें: हाथरस में भगदड़ से मरने वालों की संख्या 121 पर पहुंची, फिर भी हादसे की FIR में ‘भोले बाबा’ का नाम तक नहीं

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds