Sensex Nifty Today: सीजफायर की खबर से शेयर बाजार में दिवाली जैसा माहौल! सेंसेक्स 2833 अंक की ऐतिहासिक छलांग लगाकर 77,450 के स्तर पर पहुंचा, वहीं निफ्टी ने भी 821 अंकों की ‘तूफानी’ बढ़त के साथ 23,900 का आंकड़ा पार किया। इस जबरदस्त तेजी के साथ निवेशकों की झोली में महज कुछ ही घंटों में 15 लाख करोड़ रुपये आ गए।
तेजी के पीछे का असली कारण
इस जबरदस्त उछाल की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर संभावित हमले को दो हफ्ते के लिए टालने के फैसले और ईरान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने के संकेतों ने वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत दी है। युद्ध की आशंका कम होने से निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर ‘तूफानी तेजी’ के रूप में दिख रहा है।
बाजार की शुरुआत ही रही दमदार
आज सुबह बाजार खुलते ही ‘बुल्स’ (Bulls) का दबदबा दिखा। सेंसेक्स करीब 2,674 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त के साथ 77,290 पर खुला, वहीं निफ्टी ने भी 761 अंकों की छलांग लगाकर 23,855 के स्तर पर दस्तक दी। यह जोरदार शुरुआत दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा आज पूरी तरह से बाजार के साथ है।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी?
आज के कारोबार में कई दिग्गज शेयरों ने ‘तूफानी’ प्रदर्शन किया:
- इंडिगो (IndiGo): कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते इंडिगो के शेयर करीब 10% उछल गए, क्योंकि इससे एयरलाइंस के ईंधन खर्च में बड़ी कटौती होगी।
- L&T (लार्सन एंड टुब्रो): ग्लोबल तनाव कम होने से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी की उम्मीद बढ़ी, जिससे शेयर लगभग 8% चढ़ गया।
- बैंकिंग दिग्गज: HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे इंडेक्स को भारी सपोर्ट मिला।
ग्लोबल मार्केट्स में भी छाई रौनक
शांति की इस खबर का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के बाजारों पर दिखा। एशियाई बाजारों में जबरदस्त उत्साह रहा जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.79% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) करीब 6% की भारी बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी वायदा बाजार (Dow Jones Futures) में भी 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई, जो यह संकेत दे रहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस ‘पॉजिटिव न्यूज’ का खुले दिल से स्वागत कर रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil)की कीमतों में ‘क्रैश’ जैसी स्थिति दिखी। WTI क्रूड करीब 14% गिरकर 97 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड भी 13% की बड़ी गिरावट के साथ 95 डॉलर के आसपास आ गया है। भारत के लिए तेल का सस्ता होना एक ‘बूस्टर’ की तरह है, क्योंकि इससे कंपनियों की लागत कम होती है और देश के व्यापार घाटे में सुधार आता है, जिसने बाजार को जबरदस्त सपोर्ट दिया है।
RBI का फैसला भी रहा सहायक
बाजार की इस तूफानी तेजी में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फैसले ने ‘सोने पर सुहागा’ का काम किया। RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, जिसका सीधा मतलब है कि लोन की EMI में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सरल शब्दों में कहें तो जब वैश्विक तनाव कम हो, कच्चे तेल की कीमतें गिरें और घरेलू ब्याज दरें स्थिर रहें, तो शेयर बाजार को रॉकेट बनने से कोई नहीं रोक सकता। आज इन तीनों बड़े सकारात्मक कारकों के एक साथ आने से ही निवेशकों की जबरदस्त चांदी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव इसी तरह कम होता रहा, तो आने वाले दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे उतार-चढ़ाव (Volatility) को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करें।




























