राजस्थान बीजेपी में कलह जारी! प्रदेश अध्यक्ष की दौरे वाली जगह पर दिखे वसुंधरा राजे के पोस्टर

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 16 Jul 2021, 12:00 AM | Updated: 16 Jul 2021, 12:00 AM

राजस्थान में साल 2023 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, अभी करीब 2 साल का समय बचा है। लेकिन राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी में अभी से ही बवाल मचता नजर आ रहा है। राज्य में बीजेपी की ओर से सीएम फेस को लेकर चुनाव के 2 साल पहले से ही बयानबाजियां शुरु हो गई है। 

बीजेपी नेता एवं राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के बीच कलह दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वसुंधरा समर्थक उन्हं् आगामी चुनाव के लिए राज्य में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा बता रहे हैं। 

तो वहीं, सतीश पूनिया के समर्थक नेताओं की ओर से इस मामले पर लगातार प्रतिक्रिया दी जा रही है। इसी बीच बीजेपी में अंदरुनी कलह का ऐसा आलम देखने को मिला, जिससे प्रदेश की सियासत में हलचल एक बार फिर से तेज हो गई है।

जानें क्या है मामला?

दरअसल, बीते दिन गुरुवार को राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया अलवर के दौरे पर थे। राज्य बीजेपी का अध्यक्ष बनने के बाद उनका अलवर का यह पहला दौरा था। सतीश पूनिया अलवर पहुंचे तो उनके स्वागत में जगह-जगह वसुंधरा राजे के पोस्टर देखने को मिले और किसान आंदोलन को लेकर पूनिया को काले झंडे भी दिखाए गए। 

अलवर में लगे पोस्टर्स और होर्डिंग में वसुंधरा राजे सिंधिया को 2023 के लिए सबसे बड़ा नेता बताया गया है। इतना ही नहीं इन होर्डिंग से प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की तस्वीर गायब हैं। अलवर में वसुंधरा समर्थक वसुंधरा राजे को बीजेपी का सबसे बड़ा नेता बता रहे हैं।

खबरों की मानें तो वसुंधरा राजे के समर्थकों का कहना है कि राजस्थान में केवल वसुंधरा राजे एकमात्र नेत्री हैं, जो प्रदेश में बीजेपी की सरकार बना सकती है। अलवर में लगे पोस्टर्स में वसुंधरा राजे की बड़ी तस्वीर लगी है। साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अरुण सिंह की फोटो लगी है। पोस्टर पर लिखा है कि मिशन-2023 राजस्थान, आओ साथ चले।

वसुंधरा ने दिखा दिए हैं तेवर

बताते चले कि राजस्थान में साल 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। जिसमें वसुंधरा राजे के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही बीजेपी को कांग्रेस के हाथों करारी शिकस्त मिली थी। जिसके बाद कांग्रेस ने अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार बनाई, जो अभी प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है। 

उस चुनाव में मिली हार के बाद से वसुंधरा राजे सिंधिया अलग-थलग पड़ने लगी। पार्टी की कई महत्वपूर्ण मीटिंग्स में भी कथित तौर पर उन्हें नहीं बुलाया जा रहा। जिसे लेकर भी बवाल जारी है। अब आगामी विधानसभा चुनाव के लिए वसुंधरा राजे सिंधिया ने अपने तेवर दिखा दिए है। 

अगर बीजेपी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में वसुंधरा राजे को सीएम फेस नहीं बनाती है तो इस बात की उम्मीद काफी ज्यादा है कि वसुंधरा राजे अपने समर्थक नेताओं के साथ दूसरी पार्टी बनाकर चुनावी दंगल में उतर सकती है।

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