Prayagraj News: वेतन कटौती की शिकायत करने गई महिला कर्मचारी को डॉक्टर ने बाल पकड़कर पीटा, जमीन पर गिराया; वीडियो वायरल

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 Jan 2025, 12:00 AM | Updated: 19 Jan 2025, 12:00 AM

Prayagraj News: प्रयागराज के सोरांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां वेतन कटौती की शिकायत लेकर गई महिला कर्मचारी के साथ डॉक्टर द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हो गया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने न केवल उसे धक्का दिया, बल्कि उसके बाल पकड़कर जमीन पर गिराया और मारपीट की। दारसल सीएचसी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात सुषमा व अन्य महिला कर्मचारी जब शिकायत लेकर अधीक्षक डॉ. अनुपम के पास पहुंची तो कहासुनी हो गई जिसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।

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यह घटना न केवल महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि श्रम कानूनों और कार्यस्थल की गरिमा के उल्लंघन का गंभीर मामला बन गई है।

घटना का विवरण- Prayagraj News

हुसामगंज निवासी अमित मौर्या की पत्नी और सीएचसी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात सुषमा मौर्या के अनुसार, वेतन में कटौती को लेकर अधीक्षक डॉक्टर अनुपम द्विवेदी से चर्चा के दौरान यह विवाद हुआ। सुषमा मौर्या और अन्य महिला कर्मचारी गीता शर्मा और मीना ने शिकायत की थी कि उनके वेतन में अनुचित कटौती की जा रही है।

दिनांक 7 जनवरी 2025 को, इन महिला कर्मचारियों ने अधीक्षक से वेतन कटौती का कारण पूछा। आरोप है कि चर्चा के दौरान अधीक्षक ने अपनी कुर्सी से उठकर महिला कर्मचारियों को धक्का दिया, गाली-गलौज की, बाल खींचे और जमीन पर गिराकर मारपीट की। इस दौरान अन्य महिला कर्मचारियों ने इस घटना का वीडियो बना लिया।

महिला कर्मचारियों का आरोप और अधीक्षक का पक्ष

महिला कर्मचारियों का कहना है कि इस घटना से पहले भी वेतन कटौती को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधीक्षक कार्यालय में एक निजी निगरानी कैमरा लगाए हुए हैं, जिसकी मॉनिटरिंग वे व्यक्तिगत मोबाइल से करते हैं। इससे कर्मचारियों के बीच असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है।

वहीं, अधीक्षक डॉक्टर अनुपम द्विवेदी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि महिला कर्मचारी बिना अनुमति के उनके चेंबर में घुस गई थीं और उन्हें बाहर निकलने नहीं दे रही थीं। उन्होंने भी इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी है।

श्रम कानूनों का उल्लंघन

इस घटना ने श्रम कानूनों और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम (POSH Act) के उल्लंघन की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

  1. भुगतान का अधिकार अधिनियम, 1936
    • धारा 7 के अनुसार, वेतन में अनुचित कटौती अवैध है।
  2. POSH अधिनियम, 2013
    • कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और असम्मान दंडनीय अपराध है।
  3. औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947
    • कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन और अनुचित व्यवहार श्रम कानून के अंतर्गत आता है।

सीएमओ और पुलिस को शिकायत

इस घटना के बाद, महिला कर्मचारियों ने सीएमओ से शिकायत दर्ज कराई और सोरांव थाने में तहरीर दी। वेतन कटौती और शारीरिक उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए उच्च अधिकारियों और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा पर सवाल

यह घटना कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और गरिमा के प्रति समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। जहां एक ओर अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर इस मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।

मांग और कार्रवाई

महिला कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने इस घटना पर रोष प्रकट किया है और मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और श्रम कानूनों का पालन कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की है।

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