Pawan Khera News: असम की राजनीति इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच छिड़ा विवाद अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच तक पहुंच गया है। चुनावी माहौल के बीच उठे इस विवाद ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
इस सियासी तूफान की शुरुआत रविवार को हुई, जब कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं।
खेड़ा यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि रिनिकी के नाम पर विदेशों में संपत्तियां हैं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका का जिक्र किया गया। उनका आरोप था कि इन संपत्तियों और दस्तावेजों का खुलासा मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इन आरोपों के साथ खेड़ा ने कुछ कथित दस्तावेजों की तस्वीरें भी साझा कीं, जिससे मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।
रिनिकी भुइयां का सख्त जवाब | Pawan Khera News
इन आरोपों के सामने आते ही मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने अपनी शिकायत में साफ कहा कि उनके नाम पर न तो कोई अतिरिक्त पासपोर्ट है और न ही किसी विदेशी संपत्ति या कंपनी से उनका कोई संबंध है। रिनिकी ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब जानबूझकर उनकी छवि खराब करने और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है। उन्होंने यहां तक कहा कि इस तरह के आरोपों का समय, तरीका और प्रस्तुति यह दिखाती है कि इसके पीछे दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक मंशा है।
The deployment of a full army of police officials to arrest my colleague Pawan Khera for asking basic questions in the public interest proves that the Assam CM is disturbed, desperate, and rattled.
This is not due process but instead a witch hunt, a bully using state machinery…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 7, 2026
एफआईआर दर्ज, गंभीर धाराएं शामिल
रिनिकी भुइयां की शिकायत के आधार पर असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस एफआईआर में मानहानि, जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की करीब 14 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें झूठे बयान देना, शांति भंग करने की कोशिश, आपराधिक धमकी और अपमान जैसे आरोप भी शामिल हैं। एफआईआर में पवन खेड़ा के साथ-साथ कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पहुंची पुलिस
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब असम पुलिस की एक टीम दिल्ली पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उन्होंने पवन खेड़ा के निजामुद्दीन स्थित आवास पर तलाशी ली। हालांकि, जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तब खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह किसी दूसरे राज्य के दौरे पर हैं। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई की और कुछ सामान भी अपने साथ ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही खेड़ा तक पहुंचेंगे और जांच आगे बढ़ेगी।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का पलटवार
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि बिना किसी जांच के उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए गए। सरमा ने यह भी दावा किया कि यह जानकारी एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया नेटवर्क से आई हो सकती है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने इन झूठे आरोपों के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाया है और कानून अपना काम करेगा। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने पवन खेड़ा पर निशाना साधते हुए कहा कि सच सामने आएगा और दोषियों को जवाब देना होगा।
खेड़ा का बनेगा ‘पेड़ा’!#CongFakeAICampaign pic.twitter.com/xDK6l6H9DS
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 6, 2026
सियासी बयानबाजी हुई तेज
इस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पवन खेड़ा के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज हैं और आने वाले समय में उन्हें इसका जवाब देना होगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि चुनाव के बाद पता चलेगा कि जेल कौन जाएगा और पवन खेड़ा का अगला संबोधन असम की जेल से हो सकता है।
पवन खेड़ा का पलटवार
दूसरी तरफ, पवन खेड़ा ने भी पहले ही मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हो सकती है और मुख्यमंत्री को जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया था कि अगर भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है, तो फिर एक व्यक्ति के पास तीन पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं? उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की जानी चाहिए और केंद्रीय गृह मंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस का तीखा विरोध
पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है और इसके लिए इस तरह की कार्रवाई करना गलत है।
चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
असम में विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह का विवाद राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मुद्दे चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं और जनता के बीच अलग-अलग संदेश पहुंचा सकते हैं।
फिलहाल, मामला जांच के अधीन है और पवन खेड़ा की मौजूदगी को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है और आने वाले दिनों में पूछताछ या गिरफ्तारी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
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