Parliament Budget Session 2026: लोकसभा में बजट 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने खासतौर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों को आलोचना का निशाना बनाया।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट आने से पहले और बाद में अमेरिका के साथ हुई यह ‘डील’ देश के लिए कोई लाभ नहीं बल्कि ‘ढील’ साबित हुई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने का दावा करती रही है, लेकिन अब सवाल उठता है कि कितने देश बचे हैं जिनसे ऐसी डील नहीं हुई। सपा अध्यक्ष ने इसे देश की अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए गंभीर चुनौती बताया।
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रुपए की गिरती कीमत और ट्रेड डील का असर (Parliament Budget Session 2026)
अखिलेश यादव ने रुपये की लगातार गिरती कीमतों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील रुपये की स्थिति पर क्या असर डालेगी। उन्होंने कहा, “अगर यह डील करनी ही थी, तो पहले क्यों नहीं की गई? देश को यह तय करना होगा कि डील पहले हुई या बजट पहले आया। 18 बड़ा है या 0?” उनका तर्क था कि इस डील से किसानों और आम लोगों के लिए कोई बड़ा लाभ नहीं होगा।
बजट पर सवाल, गरीब और पिछड़े वर्ग की उपेक्षा
सपा अध्यक्ष ने बजट 2026 को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब इतने बड़े बजट की घोषणा हो रही है, तो प्रति व्यक्ति आय क्यों नहीं बढ़ रही है। उन्होंने फ्री राशन पाने वाले लोगों की प्रति व्यक्ति आय और यूपी जैसे बड़े राज्यों के लिए बजट में विशेष प्रावधानों की कमी पर सवाल खड़ा किया।
किसानों की आय और भविष्य पर चिंता
अखिलेश यादव ने किसानों की आय दोगुनी करने के केंद्र के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका से हुई डील के बाद किसानों का भविष्य अनिश्चित है। विदेश से आयात बढ़ने पर किसानों के उत्पादकों को बाजार मिलेगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी आज तक किसानों को नहीं मिली है। उन्होंने हर्टिकल्चर क्रॉप्स और दुग्ध उत्पादन के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा और पूछा कि आखिर एमएसपी की गारंटी कब दी जाएगी।
महंगाई और सोने-चांदी के बढ़ते रेट पर तंज
अखिलेश यादव ने महंगाई और सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के चलते बेटियों की शादी में गहनों के खर्च पर संकट आएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोहे पर पीतल चढ़ाकर भी बेटी की विदाई करना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार के 2047 के ‘विकसित भारत’ के विजन को खोखला बताया और कहा कि यह बजट आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता।
आरक्षण और पिछड़े वर्ग के अधिकार
सपा अध्यक्ष ने आरक्षण मुद्दे पर भी सरकार की नीतियों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में आरक्षण के नियमों के साथ हो रहे खिलवाड़ और पिछड़े वर्ग, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी भारत को विकसित नहीं बना सकती।
बुलेट ट्रेन और डालमंडी मामले पर सवाल
अखिलेश यादव ने बुलेट ट्रेन को सीमित राज्यों तक रखने की बात उठाते हुए कहा कि इसे यूपी, बिहार और बंगाल जैसे बड़े राज्यों में क्यों नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने वाराणसी के दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वोट नहीं देने वालों के घर तोड़े जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश की नीतियों और बजट में गरीब, किसान और पिछड़े वर्ग की अनदेखी स्पष्ट है। उन्होंने सरकार को अपने फैसलों और डीलों पर गंभीरता से विचार करने की चेतावनी दी।
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