Nagpur Violence Update: महाल और हंसपुरी में जबरदस्त उपद्रव, 65 दंगाई गिरफ्तार, 25 पुलिसकर्मी घायल, कई इलाकों में कर्फ्यू लागू

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 18 Mar 2025, 12:00 AM | Updated: 18 Mar 2025, 12:00 AM

Nagpur Violence Update: महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर सोमवार को हुई हिंसा ने शहर को अशांति की स्थिति में डाल दिया। यह विवाद मुख्य रूप से औरंगजेब के मकबरे को ध्वस्त करने की मांग से जुड़ा था, जिसके कारण महाल और हंसपुरी इलाके में दो गुटों के बीच टकराव हुआ और हालात ने हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसा में कई लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे। गुस्साए उपद्रवियों ने 25 से अधिक बाइक और तीन कारों को आग के हवाले कर दिया। फिलहाल, स्थिति को काबू में करने के लिए कर्फ्यू और सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।

और पढ़ें: UP News: उन्नाव में रंग खेलने के दौरान मुस्लिम व्यक्ति की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस ने बताया हार्ट अटैक

हिंसा का कारण: औरंगजेब की कब्र विवाद – Nagpur Violence Update

यह हिंसा औरंगजेब के मकबरे को लेकर बढ़े विवाद के बीच हुई। महाराष्ट्र में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा पहले ही औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग की गई थी। इस मांग को लेकर सोमवार को नागपुर में प्रदर्शन भी हुआ था। इसके कुछ ही घंटों बाद, महाल और हंसपुरी क्षेत्रों में हिंसा भड़क उठी। महाल इलाके में उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद, हंसपुरी इलाके में भी वही स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां कई दुकानों और घरों को निशाना बनाया गया। स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि रात में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर यह हिंसा हुई और पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

नागपुर पुलिस ने इस हिंसा के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह हिंसा अफवाहों की वजह से बढ़ी और इसका कारण गलतफहमी था। पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने शहर में स्थिति शांतिपूर्ण होने का दावा किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि, हिंसा के बाद पुलिस ने कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नागपुर पुलिस ने कहा कि अपराधियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

वहीं, इस मामले में अब तक 60 से 65 दंगाइयों को हिरासत में लिया गया है जबकि 25 से 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

कर्फ्यू और सुरक्षा उपाय

हिंसा के कारण नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू किया गया है। कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपाओली, शांति नगर जैसे इलाकों में कर्फ्यू लागू किया गया है। कर्फ्यू के दौरान, लोग बिना किसी जरूरी कारण के बाहर नहीं जा सकते हैं, लेकिन मेडिकल या इमरजेंसी स्थिति में बाहर जाने की अनुमति दी गई है। पुलिस बल और सरकारी कर्मचारियों को इस कर्फ्यू से मुक्त रखा गया है।

हिंसा का असर और मामले की गंभीरता

हिंसा का यह सिलसिला महाल से लेकर हंसपुरी तक फैला, जिसमें कई गाड़ियां और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। खासकर हंसपुरी इलाके में एक घंटे तक उपद्रवियों ने जमकर पथराव और तोड़फोड़ की। निवासियों का कहना था कि पुलिस देर से घटनास्थल पर पहुंची, और तब तक काफी नुकसान हो चुका था। नागपुर में स्थिति पर नियंत्रण पाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था, लेकिन प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा उपायों के साथ शहर में शांति बहाल करने की कोशिश की।

औरंगजेब के मकबरे पर विवाद का इतिहास

औरंगजेब का नाम हमेशा विवादों में रहा है। उनका शासन भारतीय इतिहास में विवादास्पद रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ ने भी औरंगजेब के विषय को फिर से गरमाया। इस फिल्म के बाद से औरंगजेब की कब्र को लेकर बहस तेज हो गई, खासकर महाराष्ट्र में। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी औरंगजेब की कब्र हटाने की बात कही थी, जिसपर विरोध और समर्थन दोनों की प्रतिक्रिया सामने आई है। अब इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है और दोनों पक्षों के बीच बहस जारी है।

और पढ़ें: ASI Death In Mauganj: मध्य प्रदेश के मऊगंज में हिंसा! युवक की हत्या के बाद भड़का बवाल, पुलिस टीम पर हमला, एएसआई की मौत, तहसीलदार हुआ घायल

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds