Lockdown News Update: देश में एक बार फिर लॉकडाउन की सुगबुगाहट तेज है, लेकिन यह हकीकत नहीं बल्कि सिर्फ एक अफवाह है। आलम यह है कि लोग प्रधानमंत्री मोदी के हर संबोधन में लॉकडाउन के संकेत ढूंढने लगे हैं। सोशल मीडिया पर फैल रही इन खबरों ने जनता के बीच डर पैदा कर दिया था, जिसे देखते हुए अब सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि फिलहाल देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
कैसे शुरू हुई अफवाह?
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद में पश्चिम एशिया के युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक संकट पर चर्चा की थी। इसी दौरान उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे देश ने उस बड़ी चुनौती का सामना एकजुट होकर किया था, वैसे ही मौजूदा वैश्विक हालातों के लिए भी हमें तैयार और एकजुट रहना होगा। बस, पीएम के इसी ‘तैयार रहने’ और ‘कोरोना काल’ वाले संदर्भ को पकड़कर सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई कि देश में फिर से लॉकडाउन लग सकता है।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लॉकडाउन की खबरें सिर्फ अफवाह हैं, सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। देश में किसी तरह की पाबंदी लगाने की तैयारी नहीं चल रही यानी आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी या कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन (Petrol-Diesel) और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए किसी भी तरह की ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) की जरूरत नहीं है। कामकाज और आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
पीएम मोदी ने असल में क्या कहा था?
बता दें कि पीएम मोदी ने अपने पूरे संबोधन में ‘लॉकडाउन’ शब्द का कहीं भी प्रयोग नहीं किया था। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सिर्फ इतना कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का वैश्विक असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि जैसे कोरोना काल की बड़ी चुनौती के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर मुकाबला किया था, वैसे ही अब भी हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। उनके इस ‘तैयार रहने’ वाले बयान का गलत मतलब निकालकर सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की अफवाहें उड़ने लगीं।
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर की बुकिंग में होने वाली देरी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट से आम जनता को भारी दिक्कत होगी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन की चर्चाओं पर भी चिंता जताई, लेकिन भरोसा जताया कि अगर भविष्य में कोई वास्तविक चुनौती आती है, तो पूरा देश एकजुट होकर उससे लड़ने में सक्षम है।
शाम को होगी हाई-लेवल मीटिंग
अब सबकी नजरें आज शाम 6:30 बजे होने वाली प्रधानमंत्री मोदी और राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अहम बैठक पर हैं। इस हाई-लेवल मीटिंग में पश्चिम एशिया (अमेरिका-इजरायल और ईरान) के बीच बढ़ते तनाव से भारत पर पड़ने वाले असर की समीक्षा होगी। चर्चा का मुख्य केंद्र ईंधन की निर्बाध आपूर्ति (Uninterrupted Fuel Supply), कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने की रणनीति और राज्यों की बैकअप योजनाओं पर रहेगा। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति में भी आम भारतीय की थाली और आवाजाही पर कोई आंच न आए।
आम जनता के लिए इसका क्या मतलब है?
फिलहाल देश में लॉकडाउन की कोई संभावना नहीं है। आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, दफ्तर, बाजार और यातायात सामान्य तरीके से चलते रहेंगे। सरकार केवल भविष्य के संभावित वैश्विक संकट (जैसे ईंधन की कमी) के लिए अग्रिम तैयारी (Advance Planning) कर रही है। इसलिए पेट्रोल पंपों या राशन की दुकानों पर भीड़ लगाने या घबराने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें और केवल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही सच मानें।































