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एक तांगेवाला कैसा बना संत, धर्म की आड़ में किए कई अपराध और फिर रेप केस में हुई उम्रकैद, जानें आसाराम की क्राइम कुंडली

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 15 Aug 2024, 12:00 AM | Updated: 15 Aug 2024, 12:00 AM

जोधपुर जेल में बंद कथावाचक आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब वह जल्द ही कुछ दिन के लिए जेल से रिहा हो जाएगा। दरअसल, कोर्ट ने इलाज के लिए आसाराम की 7 दिन की पैरोल मंजूर कर ली है। पिछले 11 सालों में यह पहला मौका है जब आसाराम को पैरोल पर जेल से रिहा किया जाएगा। इस बीच, उसकी क्राइम कुंडली एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। आइए आपको बताते हैं कि यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम बापू का नाम कैसे उलझा।

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आसाराम का महाराष्ट्र में होगा इलाज

देश भर में हजारों लोग स्वयंभू संत आसाराम बापू का अनुसरण करते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश की एक लड़की से बलात्कार के मामले में उसे सजा सुनाई गई थी। फिलहाल वे जोधपुर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अस्थायी पैरोल को मंजूरी दे दी है। इलाज के लिए आसाराम महाराष्ट्र जाएंगे। पुणे स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय में उसका इलाज कराया जाएगा।​

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Source: Google

2013 में मामला आया सामने

यौन उत्पीड़न का यह मामला 20 अगस्त 2013 को तब प्रकाश में आया जब दिल्ली के कमला नगर थाने में रात 2 बजे एफआईआर दर्ज की गई। बताया जाता है कि यह घटना 16 अगस्त को जोधपुर के मडई स्थित एक फार्म हाउस में हुई थी। एफआईआर में लड़की ने आरोप लगाया है कि 20 अगस्त को बापू ने उसे रात में अपने कमरे में बुलाया और एक घंटे तक उसका यौन उत्पीड़न किया। लड़की उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली है जो छिंदवाड़ा में आश्रम के गर्ल्स हॉस्टल में 12वीं क्लास में पढ़ती थी।

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आसाराम ऐसे बना संत

आसाराम का जन्म 17 अप्रैल 1941 को ब्रिटिश भारत के नवाबशाह जिले के बेरानी गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। पाकिस्तान के बंटवारे के बाद आसाराम गुजरात के अहमदाबाद पहुंचा। शुरुआत में उसने साइकिल की दुकान पर साइकिल रिपेयर करने से लेकर घोड़ागाड़ी चलाने तक कई काम किए। धीरे-धीरे उन्होंने अपना नाम आसुमल से बदलकर आसाराम रख लिया।

धीरे-धीरे आसाराम मशहूर होता गया और इसके साथ ही उसके अनुयायियों की संख्या भी बढ़ती गई। अनुयायियों के बड़े समूह ने राजनेताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। हर कोई संत का मुरीद होने लगा। कांग्रेस के साथ-साथ बीजेपी सरकारों ने भी उसे जमीन दी।

तांत्रिकों से सीखी थी सम्मोहन की कला

हिंदू धर्म को अपना ब्रांड बनाने के लिए आसाराम ने तांत्रिक अनुष्ठानों को हिंदू धर्मग्रंथों की सरल व्याख्याओं के साथ मिला दिया। कहा जाता है कि आसाराम ने काले जादू को भी अपना धार्मिक ब्रांड बना लिया था। जब आसाराम आसुमल में था, तो उसने कुछ तांत्रिकों से सम्मोहन विद्या भी सीखी थी।

आसाराम का विवादों से जुड़ा नाम

आसाराम का नाम उसके खिलाफ आपराधिक मामलों में दायर याचिकाओं, उसके आश्रम द्वारा अतिक्रमण, 2012 के दिल्ली बलात्कार मामले पर उसकी टिप्पणियों और 2013 में एक नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण जैसे विवादों से जुड़ा रहा है, जबकि उनके खिलाफ आरोपों की आंच उसके बेटे नारायण साईं तक भी पहुंची।

यौन छेड़छाड़ का यह मामला

यौन उत्पीड़न का मामला 20 अगस्त 2013 को प्रकाश में आया, जब दिल्ली के कमला नगर के एक पुलिस स्टेशन ने सुबह करीब दो बजे औपचारिक शिकायत दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 16 अगस्त को जोधपुर के मडई में एक फार्म हाउस में हुई। लड़की का दावा है कि रात के समय बापू ने उसे अपने कमरे में बुलाया और एक घंटे तक उसका यौन उत्पीड़न किया। लड़की छिंदवाड़ा में आश्रम के गर्ल्स हॉस्टल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। वह शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली है।

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