Trump on Khamenei Death: इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि इजरायल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि इतिहास के सबसे खतरनाक शख्स का अंत हो गया।
इजरायली हमले की पहली खबर (Trump on Khamenei Death)
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस हमले में खामेनेई की मौत की जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की थी और कहा था कि “हमें उनकी मौत की खबर मिली है।” इसके कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर लंबा पोस्ट करके इसे अंतिम रूप से पुख्ता कर दिया।
ईरानी मीडिया और सरकार ने इस खबर को झूठ बताया और कहा कि उनके सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं। लेकिन अमेरिकी और इजरायली पक्ष लगातार खामेनेई की मौत को लेकर गंभीर हैं।
ट्रंप ने खामेनेई को बताया इतिहास का सबसे बुरा शख्स
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि खामेनेई “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक” थे। उन्होंने कहा कि यह मौत न केवल ईरानी जनता के लिए न्याय है, बल्कि उन सभी देशों और नागरिकों के लिए भी न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उनके सहयोगियों ने मार डाला या घायल किया।
उन्होंने आगे लिखा कि खामेनेई हमारी खुफिया एजेंसियों और एडवांस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से नहीं बच सके। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में खामेनेई और उनके कई वरिष्ठ सहयोगी निष्क्रिय रहे।
खामेनेई की मौत और आईआरजीसी की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने यह भी बताया कि खामेनेई की मौत के बाद ईरानी सेना और सुरक्षा बल विशेषकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। ट्रंप ने लिखा, “जैसा मैंने कल कहा था, अब उन्हें इम्युनिटी मिल सकती है, बाद में सिर्फ मौत मिलेगी।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि आईआरजीसी और ईरानी पुलिस देशभक्तों के साथ मिलकर ईरान को उसकी खोई महानता वापस दिलाने के लिए काम करेंगे। उनके अनुसार, खामेनेई की मौत के बाद देश का एक बड़ा हिस्सा एक ही दिन में बुरी तरह प्रभावित हो गया।
आगे का मिशन: मध्य पूर्व और दुनिया में शांति
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी और इजरायली हमले पूरे हफ्ते या जरूरत के मुताबिक जारी रहेंगे। उनका उद्देश्य सिर्फ खामेनेई को खत्म करना नहीं, बल्कि मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में शांति सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खामेनेई की मौत से ईरान के भीतर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है। देश के अंदर विरोध प्रदर्शन, सेना और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया, और आईआरजीसी का रुख अब सबसे अहम होगा।
अभी स्थिति अत्यंत संवेदनशील है। इजरायल-ईरान युद्ध ने मिडिल ईस्ट की राजनीति और सुरक्षा पर भारी असर डाला है। खामेनेई की मौत ने क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदलने की संभावना बढ़ा दी है। अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में ईरान के भीतर और बाहर राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है, जो पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगी।
