केजरीवाल सरकार पर आ सकती है नयी मुसीबत
दिल्ली की सत्ता पर काबिज अरविंद केजरीवाल सरकार पर एक नया आरोप लगा है और अब इस सीबीआई ने इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी है. दरअसल, केजरीवाल सरकार पर आरोप है कि उन्होंने एकल विजिलेंस डिपार्टमेंट में फीडबैक यूनिट बनाई और जासूसी करवाई है. इस भी फीडबैक यूनिट के जरिये दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कुछ नेताओं की जासूसी करवाई गई है.
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जानिए क्या है फीडबैक यूनिट केस
मिली जानकारी के अनुसार, साल 2015 में पहली बार आम आदमी पार्टी ने अपने दम पर सरकार बनाई. अरविंद केजरीवाल सीएम बने और मनीष सिसोदिया डिप्टी सीएम. आरोप है कि उसी समय विजिलेंस डिपार्टमेंट के अंतर्गत फीडबैक यूनिट बनाई गई. सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा है कि इस फीडबैक यूनिट का इस्तेमाल नेताओं की जासूसी कराने के लिए किया गया है.
मनीष सिसोदिया की बढ़ सकती है मुसीबत
इस समय डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया विजिलेंस डिपार्टमेंट को संभालते हैं. ऐसे में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है. वहीं अगर केस दर्ज हो जाता है तो एक बार फिर से मनीष सिसोदिया की मुश्किल बढ़ सकती है साथ ही केजरीवाल सरकार पर भी नयी मुसीबत आ सकती है.
पहले भी आ चुकी है मुसीबत
इस केस से पहले दिल्ली की सरकार शराब नीति केस में फंस गयी थी. केजरीवाल की आम आदमी पार्टी पर आरोप लग रहे हैं कि दिल्ली में शराब घोटाला करके पैसे इकट्ठा किए गए और इन पैसों का इस्तेमाल गोवा में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए किया गया. वहीं, आम आदमी पार्टी इन आरोपों को बीजेपी की साजिश बताया था. दिल्ली की आबकारी नीति घोटाले में आम आदमी पार्टी (AAP) मुश्किल में है. इसी के साथ AAP नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) से इस मामले में पूछताछ हो चुकी है और कई लोग गिरफ्तार भी हुए हैं.



























