शूटिंग के दौरान तालिबान से इन बॉलीवुड एक्टर को मिली थी धमकियां, सेट पर चली थी गोली भी…जानिए उस पूरे किस्से के बारे में!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 16 Aug 2021, 12:00 AM | Updated: 16 Aug 2021, 12:00 AM

तालिबान…जिसे खौफ का दूसरा नाम माना जाता है, उस आतंकी संगठन ने एक बार फिर अफगानिस्तान पर राज कायम कर लिया। 20 सालों के बाद फिर से तालिबान युग अफगानिस्तान में आ गया। जिसके बाद अफगानिस्तान का क्या होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। तालिबान  के अफगानिस्तान करने की खबरें इस वक्त काफी ज्यादा सुर्खियों में बनी हुई है। 

अफगानिस्तान में हुई थी फिल्म की शूटिंग

इस बीच हम आपको इससे जुड़ा तालिबान  का बॉलीवुड का एक किस्सा लेकर आई है। बात कई सालों पुरानी है, जब बॉलीवुड की एक फिल्म की शूटिंग अफगानिस्तान में हुई थी। तब तालिबान की तरफ से बड़े स्टार्स को धमकियां भी मिली थीं। जिसमें एक्टर जॉन अब्राहम, अरशद वारसी और डायरेक्टर कबीर खान शामिल थे। 

जॉन-अरशद थे लीड रोल में

फिल्म का नाम था काबुल एक्सप्रेस। कबीर खान के डायरेक्शन में बनी ये पहली फिल्म थीं। लीड के रोल में जॉन अब्राहम, अरशद वारसी। ये फिल्म 15 दिसंबर 2006 को रिलीज हुई थी। मूवी अफगानिस्तान में तालिबान के शासनकाल खत्म होने के बाद शूट होने वाली पहली अंतरराष्ट्रीय फिल्म थीं। मूवी की शूटिंग के दौरान तालिबान ने जॉन और कबीर खान को जान से मारने की धमकी दी थी। 

गोली तक चली थी

फिल्म की शूटिंग की कहानी तालिबान से लेकर सेट पर हथियार बंद कमांडो तक को मौत की धमकियों, युद्धग्रस्त काबुल में फिल्म का सफर की एक दुर्लभ कहानी की तरह रहा था। मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म के कलाकारों से लेकर क्रू मेंबर्स तक को तालिबान ने मारने की धमकियां दी थीं, जिसकी वजह से शूटिंग तक को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा था। एक बार तो शूटिंग के दौरान सेट पर गोली तक चल गई थीं। फिर अफगान सरकार मदद के लिए आगे आई और शूटिंग करने के लिए कड़ी सुरक्षा दी। 

इसको लेकर कबीर खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि हमारी शूटिंग के दौरान लोकेशन पर क्रू मेंबर्स से भी ज्यादा सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। काबुल में भारतीय राजदूत ने मुझे बताया था कि तालिबान के द्वारा भेजे गए 5 सदस्य मौत का दस्ता था । उस दौरान हर कोई काफी घबराया हुआ था । तालिबान तब ये संदेश देने की कोशिश कर रहा था कि वहां पर आप सामान्य जीवन नहीं देख सकते, तब सच में अफगान सरकार ने बहुत मदद की। 60 हथियारबंद कमांडो दिए थे। 

अरशद वारसी ने मूवी की शूटिंग को लेकर कहा था कि वहां पर मोबाइल फोन से ज्यादा बंदूकें थीं। लेकिन अगर मैं ये फिल्म नहीं करता, तो मुझे ज्यादा मलाल होता। वहीं जॉन अब्राहम ने भी अपना अनुभव शेयर किया था और बताया था उन्होंने अपने ड्राइवर से पूछा था कि ये बॉम्बर कहां से आते हैं। उसने मुझे जवाब दिया था और बताया कि अल्लाह आपको जहां से चाहे वहां से अपने पास बुला सकता है। 

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