बच्चों के लिए ज्यादा घातक है कोरोना की ये दूसरी लहर? जानिए इसके बारे में सबकुछ…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 Apr 2021, 12:00 AM | Updated: 08 Apr 2021, 12:00 AM

देश भर में कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है। भारत में कोरोना ने पिछले साल से भी ज्यादा खतरनाक रुख अपना लिया है। कोरोना संक्रमितों की संख्याओं में दिन पर दिन बढ़ोतरी हो रही है। भारत में पिछले 24 घंटो में एक लाख 26 हजार से अधिक नए मामले दर्ज किए जा चुके है, जिसमें 685 लोगों की मौत हो गई है। ऐसी संभावनाएं जताई जा रही है कि अगर अभी नहीं संभले तो कोरोना की ये दूसरी लहर आने वाले हफ्तों में और ज्यादा घातक साबित हो सकती है।

एक रिपोर्टं के मुताबिक विशेषज्ञों का ये मानना है की कोरोना की दूसरी लहर विशेष तौर पर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। पिछले साल की तुलना में बच्चे इस बार कोरोना से ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही बेंगलुरु के एक ही स्कूल के 400 बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। अभी गौर करने वाली बात तो ये भी है कि बच्चों को वैक्सीन की इज़ाजत नहीं है। ऐसे में बच्चों पर कोरोना का ज्यादा खतरा बढ़ना, ना सिर्फ परेशान बल्कि डराने वाला भी है।

इम्युन सिस्टम को बनाता है कमजोर और…

एक्सपर्ट्स की मानें तो अब जो कोरोना वायरस फैल रहा है, वो बच्चों के इम्युन सिस्टम को कमजोर बना रहा, जिसकी वजह से बच्चे इस महामारी की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। जिसके चलते बच्चों की मृत्यु दर में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि भारत में नए कोविड वेरिएंट की पुष्टि स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा की जा चुकी है। भारत के 18 राज्यों में नए वेरिएंट से संक्रमित मरीज पाए गए थे। नया वेरिएंट ना सिर्फ इम्युन सिस्टम को कमजोर करता है, बल्कि रिसेप्टर्स के साथ मिलकर पूरी बॉडी में तेजी से फैलता है, जिसकी वजह से ये पहले से भी ज्यादा खतरनाक है।

एक्सपर्ट के मुताबिक डबल म्यूटेंट वाला वेरिएंट बच्चों के लिए भी ज्यादा खतरनाक है। कोविड के डबल वेरिएंट में मरीजों में सामान्य से अधिक लक्षण दिख सकते हैं। कई बार मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने की भी नौबत आ जाती है। ऐसे में बच्चों पर ज्यादा ध्यान रखने की आवश्कता है।

क्या है बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने के पीछे की वजह?

अब सवाल ये उठता है कि आखिर बच्चों के ज्यादा संक्रमित होने की पीछे की वजह क्या है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण शैक्षणिक संस्थानों का खुलना बताया जा रहा है। स्कूल खुलने की वजह से बच्चे कोरोना से ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। ये बच्चों के लिए पहले वाले से ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। बच्चे इसकी जल्दी चपेट में आ रहे है। साथ में बच्चे के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं। ऐसे में खतरा बढ़ गया है।

क्या होते है इसके लक्षण?

हार्वर्ड हेल्थ के एक रिपोर्टं के अनुसार कोविड के नए स्ट्रेन में कई बच्चों में तो कोई लक्षण नहीं देखे जाते, जबकि कई बच्चे बीमार हो जाते हैं। उनमें थकान,खासी,जुकाम और बुखार जैसे लक्षण शामिल है। इसके अलावा बच्चों को मल्टीसिस्ट इन्फ्लेमेंटरी सिंड्रोम (MIS-C) जैसे खतरनाक बीमारी भी होने की संभावना है, जो हृदय और अंगों के लिए घातक साबित हो सकता है। (MIS-C) के लक्षणों में आपको उल्टी, बुखार, पेट दर्द, आंखो का लाल होना, होंठो का फटना, रैशेस, गर्दन में दर्द, सूजन और अनिंद्रा जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। ऐसे में कोरोना की इस लहर से जितना हो सकते बच्चों को बचाकर रखने की इस वक्त सख्त जरूरत है।

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