Iran missile attack Riyadh: वेस्ट एशिया में चल रही जंग अब एक नए और खतरनाक चरण में पहुंचती दिख रही है। ताजा घटनाक्रम में Iran ने Saudi Arabia की राजधानी Riyadh पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया। इस हमले के बाद सऊदी अरब ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए साफ संकेत दिए हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वह सीधे युद्ध में कूद सकता है।
मीटिंग के बीच हुआ हमला, बढ़ा तनाव | Iran missile attack Riyadh
यह हमला उस समय हुआ जब Turkey, UAE, Qatar समेत करीब एक दर्जन देशों के विदेश मंत्री रियाद के एक होटल में बैठक कर रहे थे। इस मीटिंग में पूरे क्षेत्र में तेजी से बिगड़ते हालात पर चर्चा चल रही थी। तभी ईरान ने अचानक मिसाइल हमला कर सभी को चौंका दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक संदेश भी है। अब तक रियाद को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता था, लेकिन इस हमले ने उस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
सऊदी की सख्त चेतावनी, पाकिस्तान की एंट्री की आशंका
हमले के बाद सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सऊदी अरब का सब्र अब खत्म हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो देश सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर सऊदी अरब सीधे युद्ध में उतरता है, तो पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होना पड़ सकता है। दोनों देशों के बीच मौजूद रक्षा समझौता ऐसी स्थिति में सक्रिय हो सकता है, जिससे संघर्ष और व्यापक हो जाएगा। कुछ विशेषज्ञ इसे “न्यूक्लियर अंब्रेला” की तरह देख रहे हैं, जो सऊदी को अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है।
हमले में क्या हुआ नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। कुल चार बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया गया, लेकिन उनका मलबा शहर के दक्षिणी हिस्से में एक रिफाइनरी के पास गिरा। यह रिफाइनरी रोजाना करीब 1.30 लाख बैरल तेल प्रोसेस करती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि हमले की सटीकता से साफ है कि यह पूरी तरह योजनाबद्ध था और खास इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
लगातार बढ़ते हमले, पहले भी बने थे निशाने
28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से ईरान लगातार सऊदी अरब के अहम ठिकानों को निशाना बना रहा है। 1 मार्च को प्रिंस सुल्तान एयर बेस और रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले किए गए, जिन्हें रोक दिया गया। 2 मार्च को ड्रोन से रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला हुआ, जिससे उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
इसके बाद 8 मार्च को अल-खर्ज में एक रिहायशी इमारत पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 12 घायल हुए। 14 मार्च को प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर अमेरिकी विमानों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
अब क्या आगे?
विश्लेषकों और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मारियो नवाफ़ल का मानना है कि यह हमला समय, लक्ष्य और तीव्रता तीनों लिहाज से बेहद सोच-समझकर किया गया है। इससे साफ है कि जंग अब और व्यापक हो सकती है।
