India protests over Khamenei death: ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने अब वैश्विक संकट का रूप ले लिया है। अमेरिका के समर्थन से हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत करीब आठ शीर्ष नेताओं की मौत की खबर ने हालात और ज्यादा संवेदनशील बना दिए हैं। इस घटनाक्रम का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत के कई शहरों में भी इसका सीधा असर दिख रहा है।
कश्मीर से पटना तक विरोध प्रदर्शन | India protests over Khamenei death
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की मौत के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों के हाथों में उनकी तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर थे। मातमी नौहे पढ़े गए और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगाए गए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमारे नेता शहीद हो गए हैं, यह जुलूस हमारे गम का इजहार है।”
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कश्मीर में दो दिनों के लिए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं। कई जगह इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
बिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश के संभल में भी शिया समुदाय सड़कों पर उतरा। अजमेर में तीन दिन का शोक घोषित किया गया। समुदाय के नेताओं ने लोगों से अपील की कि इस दौरान किसी तरह का उत्सव न मनाया जाए।
रांची में वाम दलों का प्रदर्शन
झारखंड की राजधानी रांची में भाकपा (माले), माकपा, ऐपवा और अन्य जनवादी संगठनों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने अमेरिका-इजरायल की कार्रवाई को “तानाशाही गठजोड़” बताया और केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। झारखंड सीपीआई (माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि इस हमले से दुनिया में तबाही का खतरा बढ़ गया है और भारत को चुप नहीं रहना चाहिए।
In view of airspace restrictions arising from geopolitical developments in the Middle East, a total of 350 flights operated by Indian domestic carriers have been cancelled on 01.03.2026.
Passengers are advised to check their flight status with the concerned airlines and remain…
— MoCA_GoI (@MoCA_GoI) March 1, 2026
ऐपवा की राज्य प्रमुख नंदिता ने आरोप लगाया कि यह हमला तेल और रणनीतिक नियंत्रण की राजनीति से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री से युद्ध रोकने की पहल करने की मांग की।
ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक
ईरान ने खामेनेई की मौत के बाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। देशभर में झंडे आधे झुका दिए गए हैं और तेहरान में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 1989 में रूहोल्लाह खुमैनी के बाद खामेनेई ने देश की कमान संभाली थी और 37 वर्षों तक सर्वोच्च नेता रहे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस घटना को “बड़ा जुर्म” करार देते हुए चेतावनी दी कि जिम्मेदार लोगों को परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा।
विदेशों में फंसे भारतीय, बढ़ी बेचैनी
जंग का असर भारतीयों पर भी साफ दिख रहा है। ईरान में करीब 1,200 कश्मीरी और 84 भारतीय छात्र फंसे बताए जा रहे हैं। AIMSA से जुड़े मेडिकल छात्रों ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर सुरक्षित वापसी की मांग की है।
A large crowd of people, many waving posters and banners featuring Ayatollah Ali Khamenei, has converged at Lal Chowk in Srinagar.
A group has also assembled outside the United Nations Military Observer Group in India and Pakistan office in Srinagar, voicing their protest.
Top… pic.twitter.com/4LUOhqosP7
— Ieshan Wani (@Ieshan_W) March 1, 2026
दुबई में फंसी भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया पर बताया कि एयरपोर्ट के पास धमाका हुआ और हालात बेहद डरावने हैं, हालांकि वह सुरक्षित हैं।
पंजाब के बठिंडा निवासी प्रवीण और नीरू गर्ग दुबई में फंसे हैं। उनकी पड़ोसन ने बताया कि फ्लाइट रद्द होने से वे परेशान हैं, दवाइयां भी खत्म हो रही हैं। गाजियाबाद के मन्नू मित्तल, जो दुबई में काम करते हैं, अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास रहते हैं और परिवार लगातार चिंता में है।
ओमान के दुकुम शहर से देहरादून निवासी कैलाश बिष्ट ने वीडियो जारी कर बताया कि ड्रोन हमला उनके ठिकाने से एक किलोमीटर दूर हुआ, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
उड़ानें रद्द, एयरपोर्ट सूने
मध्य पूर्व में तनाव के कारण 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब 100 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया ने तेल अवीव की उड़ानें 7 मार्च तक रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई के लिए उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित की हैं।
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर मध्य पूर्व रूट की 26 उड़ानें रद्द होने से सन्नाटा पसरा रहा। कई विमान अलग-अलग एयरपोर्ट पर अटके हुए हैं।
तेल टैंकर पर हमला, बढ़ता समुद्री खतरा
रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें चार नाविक घायल हो गए। यह इलाका वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रास्ता है। हमले के पीछे किसका हाथ है, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
दिल्ली में CCS की बैठक संभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई जा सकती है। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया के हालात और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा होगी।
CBSE परीक्षाएं भी स्थगित
ईरान-इजरायल संघर्ष का असर शिक्षा पर भी पड़ा है। CBSE ने मध्य पूर्व के कई देशों में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 2 मार्च तक स्थगित कर दी हैं।
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