Gold Silver Price Hike: आखिर क्यों अचानक बढ़ गए सोने-चांदी के दाम? जानें ताजा भाव

Rajni | Nedrick News India Published: 25 Mar 2026, 10:54 AM | Updated: 25 Mar 2026, 10:54 AM

Gold Silver Price Hike: अभी कुछ दिनों पहले तक बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का शोर था, खरीदार खुश थे कि दाम और गिरेंगे। लेकिन फिर वही मीम वाली बात सच हो गई ‘एकदम से वक्त बदल दिया, जज्बात बदल दिए!’ देखते ही देखते कीमतों ने ऐसी रॉकेट रफ्तार पकड़ी कि अब सोना 1.44 लाख के पार है और चांदी 12,000 महंगी हो गई है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं क्या है इस अचानक आए उछाल की वजह

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घरेलू बाजार का ताजा हाल

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। पिछले कुछ दिनों से गिरावट के बाद अब निवेशकों ने एक बार फिर से इन सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ रुख किया है। चांदी की कीमत में बड़ी छलांग लगाते हुए 12,010 रुपये की बढ़त दर्ज हुई और यह करीब 2.36 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोना भी 5,510 रुपये महंगा होकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक बाजार में भी तेजी

सिर्फ भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया। एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोना करीब 4% चढ़कर 4,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं चांदी में और भी तेज तेजी आई और यह करीब 7% उछलकर 74.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में आई गिरावट और भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव ने भी सोने की कीमतों को हवा दी है। जब डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की चमक और बढ़ जाती है, जिसका असर आज भारतीय सर्राफा बाजार में साफ देखा गया।

आखिर क्यों बढ़े दाम?

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और अनिश्चितता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच परदे के पीछे बातचीत की संभावनाएं बन रही हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट में भारी हलचल है। संकेत मिले हैं कि ईरान ने ऊर्जा आपूर्ति, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं ताकि बातचीत का माहौल बन सके। हालांकि, ईरान ने अभी तक किसी भी आधिकारिक वार्ता की पुष्टि नहीं की है, जिसके कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए सोने-चांदी को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर चुना है।

तनाव अभी भी बरकरार

हालांकि बातचीत की उम्मीदें हैं, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान जहां होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है, वहीं इस्राइल लगातार हमले कर रहा है। उधर अमेरिका ने भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 सैनिक तैनात करने का फैसला किया है और आने वाले दिनों में और सैनिक भेजे जा सकते हैं। अमेरिका की इस सैन्य सक्रियता ने निवेशकों के बीच यह डर पैदा कर दिया है कि अगर संघर्ष बढ़ा तो तेल और सोने की कीमतें नई ऊंचाई को छू सकती हैं।

निवेशक क्यों लौटे सोने-चांदी की ओर?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतों (कच्चे तेल) में भी तेजी आई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे माहौल में शेयर और बॉन्ड बाजार में जोखिम और उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है। यही वजह है कि निवेशक ‘सेफ हेवन’ माने जाने वाले सोने और चांदी की तरफ वापस लौट रहे हैं। हालांकि ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने की चमक कम करती हैं, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता (Geopolitical Instability) के सामने यह तर्क फीका पड़ गया है।

आगे क्या होगा?

अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं, तो सोना-चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है। वहीं अगर शांति वार्ता सफल होती है, तो बाजार में कुछ स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) है, इसलिए कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले स्टॉप-लॉस और मार्केट अपडेट्स पर पैनी नजर रखें।

नोट: ऊपर दिए गए भावों में GST और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। सटीक रेट के लिए अपने नजदीकी ज्वेलरी शोरूम या IBJA की वेबसाइट चेक करें।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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