क्या है FIITJEE स्कैम, जिसमें अब दिल्ली से लेकर गुरुग्राम तक ED ने की छापेमारी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 Apr 2025, 12:00 AM | Updated: 24 Apr 2025, 12:00 AM

FIITJEE SCAM IN INDIA: साल 2024 में मार्च में एक न्यूजपेपर के फ्रंट पेज पर आईटी इंस्टीट्यूट FIITJEE का एक ऐड छपा था। इस ऐड में FIITJEE ने दावा किया था कि दिल्ली में 2024 में जी मेन्स(JEE MAINS) के सभी टॉपर उनके इंस्टीट्यूट से ही पास आउट हुए है और इनके टॉप करने के लिए FIITJEE द्वारा आयोजित FIITJEE Long Term Classroom Program का योगदान सबसे ज्यादा है। FIITJEE के इस ऐड को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। इसका विवाद यहीं नहीं थमा, इसमें पढ़ने वाले बच्चों और पेरंट्स से एक बड़ा इल्जाम लगाया है। FIITJEE जिसके सभी इंस्टीट्यूट में करीब 12000 स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे है, अब उन सबका भविष्य अंधेरे में जाता नजर आ रहा है। आखिर क्या हुआ है FIITJEE के साथ और आखिर क्यों FIITJEE बच्चों के भविष्य के साथ खेलने का आरोप लग  रहा है। आखिर क्यों सबसे पुराने IITJEE का इंस्टीट्यूट बंद होने के कगार पर है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल जनवरी 2025 में कुछ लोगों ने FIITJEE के खिलाफ कंप्लेन दर्ज कराई थी कि FIITJEE के कुछ सेंटर अचानक बिना किसी सूचना के बंद कर दिए गए है। इतना ही इन सेंटर पर ये भी आरोप लगे थे कि बच्चों की पूरे साल की फीस ले ली गई थी, लेकिन न तो पैसे रिफंड किए गए और न सेंटर शुरु किए गए है। अचानक सेंटर के बंद होने के कारण FIITJEE के असली खेल को समझते देर न लगी और शुरु मनी लॉंड्रिंग का खेल। गुरुवार को ईडी ने FIITJEE के खिलाफ कार्यवाई करते हुए करीब 12 सेंटर पर छापेमारी की। जिसमें दिल्ली गुरुग्राम और नोएडा के सेंटर शामिल है।

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क्यों हुई ईडी की कार्यवाई

दरअसल दिल्ली यूपी समेत कई जगहों में FIITJEE के खिलाफ केस दर्ज किए गए है जिसके तहत FIITJEE ने अभिभावकों से पूरी फीस वसूल कर सेंटर को बंद कर दिया और उन पैसे को अपने निजी कामों में और दूसरी कंपनियों में लगाया गया है। इसी के साथ बिना किसी पूर्व जानकारी के ही इंस्टीट्यूट को बंद कर दिया गया है औऱ पैसों को रिफंड भी नहीं किया गया है। इस मामले में FIITJEE के मैन प्रोमोटर डीके गोयल के कई ठिकानो पर ईडी ने छापेमारी की है। FIITJEE पर मनी लॉंड्रिंग का केस लगा है। जिसके तहत ईडी इस, मामले में तेजी से काम कर रही है।

बच्चों के साथ धोखा

FIITJEE अपने पास आने वाले बच्चों से अच्छी खासी फीस वसूलता है, ऐसे में FIITJEE ने नए सेशन के लिए पहले ही अभिवावको से पैसे ले लिए थे। पेरेंट्स का कहना है FIITJEE सालाना तौर पर फीस लेता है, बढ़िया कोचिंग और सुख सुविधा के नाम पर FIITJEE 5 से 6 लाख रूपय सलाना वसूलता है। लेकिन अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए माता पिता इतने पैसे भी देते है, मगर वहीं FIITJEE अब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर तुला है। अचानक टीचर्स ने इस्तीफा दे दिया और सेंटर बिना किसी पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया। जिसने पेरेंट्स और बच्चों. दोनो की परेशानी बढ़ा दी, हालांकि FIITJEE ने इसकी अलग से फैंचाइजी के रूप में शुरु किया था लेकिन पेरेंट्स FIITJEE के अचानक बंद होने से काफी नाराज हो गए है और उसके खिलाफ कार्यवाई की मांग कर रहे है।

FIITJEE का इतिहास

आपको बता दें कि FIITJEE साल 1992 में शुरु किया गयी थी। उस वक्त उनका केवल एक मोटिव था स्टूडेंट को IIT JEE को पास करने के लिए पढ़ाया जाय , जिसमें FIITJEE सफल भी हुआ, कई बच्चों ने FIITJEE से IIT JEE क्लेयर किया था, जिसके कारण FIITJEE एक ब्रांड बन गया। 2010 से पहले इंडिया में आईटी का बोलबाला हो रहा था और इसके लिए FIITJEE IITJEE की तैयारी कराने लगा। अकेले FIITJEE को इससे काफी मुनाफा हो रहा था, लेकिन FIITJEE की परेशानी ये थी की वो केवल इंजिनियरिंग की तैयारी के लिए प्रतिबध्द बने रहे, जिसका फायदा अन्य इंस्टीट्यूट जैसे आकाश इंस्टिट्यूट, विद्या मंदिर इंस्टीट्यूटजैसे संस्थानों को हुआ। ये केवल IIT JEE  NEET  की क्लासेस पर फोकस किया। धीरे धीरे लोगों को समझ आने लगा था कि इंजनियरिंग में नौकरी मिलने के चांसेस  मात्र 10 प्रसेंट है तो बच्चों ने नीट की तरफ अपना ध्यान लगाना शुरु कर दिया।

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कोरोना के बाद हालात और बिगड़े

FIITJEE ने हमेशा फोकस फीजिकल क्लासेस पर रखा था लेकिन 2020 मे कोविड में अनएकेडमी और फिजिक्सवाला जैसी ऑनलाइस कोचिंग क्लासेस के कारण FIITJEE को और ज्यादा नुकसान होना शुरु हो गया। क्योंकि ये केवल फिजिकली क्लासेस मुहैया कराती थी लेकिन अनएकेडमी और फिजिक्सवाला ऑनलाइस क्लासेस देते थे। जो कि पेरेंट्स के लिए काफी किफायती भी था।

पुराने विवादों ने भी घेरा

FIITJEE के लिए ये विवाद पहला नहीं है इससे पहले भी 2016 में FIITJEE की ओर से विवादित बयान आया था। FIITJEE ने अपने बयान में कहा कि कोटा के सभी इंस्टीट्यूट बच्चों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहा है। जिसके बाद FIITJEE को मानहानी के केस का भी सामना करना पड़ा था और अपने बयान के लिए माफी मांगनी पड़ी थी।

FIITJEE पर लगा गए आरोप के बाद ईडी लगातार छापेमारी कर रही है। इसके जरिए वो ये भी जांच कर रही है कि कही FIITJEE किसी गैर कानूनी गतिविधियों में तो शामिल नहीं है। अब देखना ये होगा कि जिन 12 हजार बच्चों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है, उन्हें लेकर FIITJEE की तरफ से क्य़ा प्रतिक्रिया आती है।

 

 

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