Economic Survey 2025: रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित होगा केंद्रीय बजट? आर्थिक सर्वेक्षण में जीडीपी को लेकर ये है सरकार का दावा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 31 Jan 2025, 12:00 AM | Updated: 31 Jan 2025, 12:00 AM

Economic Survey 2025: आर्थिक सर्वेक्षण 2025 से यह संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आगामी केंद्रीय बजट को रोजगार केंद्रित बनाने पर जोर दे सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट में रोजगार सृजन, शिक्षा, कौशल विकास और इनोवेशन को प्राथमिकता दे सकती हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व में तैयार इस रिपोर्ट में सस्टेनेबल ग्रोथ, सरकारी हस्तक्षेप में कमी, और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है।

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सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर- Economic Survey 2025

भारत की अर्थव्यवस्था 2024-25 में 6.4% की वृद्धि दर दर्ज कर सकती है, जो पिछले वर्ष की 8.2% की दर से कम होगी। सर्वेक्षण के अनुसार, यह अनुमान 6.3% से 6.8% के बीच रह सकता है।

Economic Survey 2025 budget
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भारत सरकार ने दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं, लेकिन आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि इसे हासिल करने के लिए मजबूत नीतियों और निवेश की जरूरत होगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को अर्थव्यवस्था में बहुत अधिक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और उसे अपने प्राकृतिक सुधार तंत्र से आगे बढ़ने देना चाहिए।

नौकरियों और शिक्षा पर विशेष फोकस

आर्थिक सर्वेक्षण 2025 के अनुसार, मोदी सरकार रोजगार बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, MSME और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दे सकती है।

How many people got government jobs during the rule of Modi government
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  • 78.5 लाख गैर-कृषि नौकरियों की जरूरत: भारत को 2030-32 तक हर साल 78.5 लाख गैर-कृषि रोजगार पैदा करने होंगे।
  • शिक्षा और कौशल विकास: सरकार शिक्षा पर खर्च बढ़ाकर 100% साक्षरता का लक्ष्य हासिल करना चाहती है।
  • बजट में आवंटन: 2024-25 में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
  • संभावित वृद्धि: इस बजट में इस राशि में बढ़ोतरी की संभावना है ताकि बेहतर शिक्षा संस्थानों और तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

क्या मनरेगा का बजट बढ़ेगा?

भारत में ग्रामीण रोजगार का सबसे बड़ा कार्यक्रम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) भी चर्चा में है। 2024-25 में 86,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जो पिछले साल से 14% कम था। रोजगार सृजन पर दबाव को देखते हुए सरकार मनरेगा में अधिक धन आवंटित कर सकती है। अक्षय ऊर्जा, हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) सेक्टर के लिए भी सरकार नई रियायतें और प्रोत्साहन योजनाएं ला सकती है।

क्या सरकार PLI योजना का विस्तार करेगी?

प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को आर्थिक सर्वेक्षण में बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है।

  • सरकार चयनित क्षेत्रों के लिए नई PLI योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
  • सौर पैनलों पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है।
  • चीन से आयात पर रोक: चीन से सौर पैनलों के आयात पर प्रतिबंध लगने की संभावना है ताकि स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिल सके।

सरकार का आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

आर्थिक सर्वेक्षण में स्वदेशी उत्पादन और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। इसमें कहा गया है कि:

  1. तकनीक और AI में निवेश बढ़ाने की जरूरत है ताकि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति में अग्रणी बन सके।
  2. मेड इन इंडिया उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजनाएं ला सकती है।
  3. उपभोग बढ़ाने के लिए टैक्स छूट और रियायतों की संभावना है।

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