मुगल गार्डन का बदला नाम, जानिए क्यों मुगलों के नाम पर रखा गया था इसका नाम

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 Jan 2023, 12:00 AM | Updated: 30 Jan 2023, 12:00 AM

केंद्र सरकार ने बदला मुगल गार्डन का नाम

राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में कई एकड़ जमींन पर बना बगीचा अब नए नाम से जाना जायेगा. दरअसल, केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति भवन में स्थित मुगल गार्डन (Mughal Garden) का नाम बदल दिया है और अब मुगल गार्डन को अमृत उद्यान (Amrit Udyan) के नाम से जाना जाएगा. वहीं इस बीच इस  इस मुगल गार्डन को लेकर कई लोगों के सवाल हैं कि जब इसे अंग्रेजों ने बनवाया था तो इसका नाम मुगलों के नाम पर मुगल गार्डन क्यों रखा गया साथ ही ये भी सवाल है कि यहां पर कब जा सकते हैं और यहाँ का दौरा करने के लिए कैसे एंट्री कर सकते हैं. वहीं इस पोस्ट के जरिए हम आपको ये सभी जानकारी देने जा रहे हैं. 

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जानिए कब बना था मुगल गार्डन मुगल गार्डन का बदला नाम, जानिए क्यों मुगलों के नाम पर रखा गया था इसका नाम — Nedrick News

जानकारी के अनुसार, 13वीं शताबदी में फिरोज शाह तुगलक (Firoz Shah Tughlaq) ने मुगल परंपराओं को देश में जिंदा रखने के लिए  1,200 से अधिक उद्यान बनवाए. वहीं 16वीं शताबदी में बाबर नें भारत पर हमला कर मुगल साम्राज्य की स्थापना की और उसके बाद से ही देशभर में कई सारे बाग-बगीचों का निर्माण किया गया और इस परंपरा को हुमांयू, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब ने भी जारी रखा. वहीं जब अंग्रेज आए और उन्होंने साल 1911 में जब  अपनी राजधानी कोलकाता से बदलकर दिल्ली कर दी तो उस समय यह फैसला किया कि दिल्ली के रायसीना हिल (Delhi Raisina Hill) को काटकर वहीं वायसरॉय हाउस (राष्ट्रपति भवन) की स्थापना की जाएगी. वायसरॉय हाउस का निर्माण करने के लिए अंग्रेजों द्वारा इंगलैंड से बड़े ही फेमस आर्किटेक्ट सर एडविन लूटियंस (Architect Edwin Lutyens) को बुलाया गया और उन्होंने ही इस राष्ट्रपति भवन का डिजाइन तैयार किया था. वहीं इस वायसरॉय हाउस की सुंदरता के लिए यहां पर खास तरह का गार्डन बनाया गया. इसमें दुनिया जहान के कई फूलों और पेड़ पैधों की प्रजातियां लगाई गई. बता दें कि वायसरॉय हाउस का निर्माण कार्य 1917 में शुरू हुआ था, जबकि मुगल गार्डन 1928 में बन कर तैयार हुआ था.

मुगलों के नाम पर क्यों पड़ा मुगल गार्डन का नाम

अंग्रेजों ने मुगल परंपराओं को अंग्रेजी सौंदर्यशास्त्र के साथ मिला दिया और इसी कारन से राष्ट्रपति भवन के गार्डन का नाम मुगल गार्डन पड़ गया लेकिन अब  भारत सरकार ने अब मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान रख दिया है. वहीं अब केंद्र सरकार ने  ‘आजादी का अमृत महोत्स्व’ अभियान के तहत ध्यान में रखते हुए किया है इस गार्डन का नाम अमृत उद्यान रख दिया. 

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इस महीने खुलता है मुगल गार्डन

वैसे तो कहा जाता है कि राष्ट्रपति भवन का मुगल गार्डन फरवरी में खुलता है लेकिन ये गार्डन जनवरी के आखिरी महीने की तारिख में खुल जाता है. वहीं  राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि साल 2023 के 31 जनवरी से 26 मार्च तक अमृत उद्यान (मुगल गार्डन) खुला रहेगा. वहीं 28 मार्च को सिर्फ किसानों के लिए और 29 मार्च को दिव्यांग जनों के लिए ये गार्डन खोला जाएगा. इसके बाद 30 मार्च को पुलिस, सुरक्षा बल और सेना के परिवारों को इस गार्डन में एंट्री मिलेगी. 

गार्डन में जाने का समय

इस गार्डन में एंट्री का समय  सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक है. वहीं अमृत उद्यान में जाने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 7500 लोगों के लिए ही टिकट जारी किए जाएंगे. इसके बाद 12 से शाम के चार बजे तक गार्डन में जाने के लिए एक फिर से 10 हजार लोगों को पास जारी किए जाएंगे. 

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ऑनलाइन पास से मिलेगी एंट्री

जहां  पहले इस गार्डन में कभी वॉक-इन के जरिए एंट्री मिल जाती थी पर अब राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अमृत उद्यान में उन्हीं लोगों को जाने की इजाजत होगी, जो लोग ऑनलाइन अग्रिम बुकिंग के जरिए पास लेकर आएंगे. इसके लिए अब ऑनलाइन बुकिंग करनि होगी और तभी गार्डन में जाने की इजाजत दी जाएगी.

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