देश के वो 3 प्रधानमंत्री जिन्होंने वित्त मंत्री की जगह खुद पेश किया देश का आम बजट

By Reeta Tiwari | Posted on 21st Jan 2023 | इतिहास के झरोखे से
budget

इन प्रधानमंत्रियों ने संसद में पेश किया आम बजट

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) देश का आम बजट (Budget 2023) पेश करने वाली है और ये बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल आखिरी बजट है. वैसे तो देश का बजट (Budget) संसद (parliament) में वित्त मंत्री (parliament) पेश करता है लेकिन भारत के इतिहास में 3  बार ऐसा हुआ है जब संसद में देश का आम बजट प्रधानमंत्री ने पेश किया . पहली बार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू उसके बाद देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उसके बाद राजीव गांधी ने  प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए देश का बजट पेश किया है.

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इस वजह से प्रधानमंत्रियों ने पेश किया बजट 

जवाहरलाल नेहरू 

जब देश आजाद हुआ था तब जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) भारत के देश के पहले प्रधानमंत्री बने . वहीं प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने दो बार वित्त मंत्रालय का पदभार भी संभाला . वहीं अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश का आम बजट पेश किया. जानकारी के अनुसार, 1958 में तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णचारी (Finance Minister TT Krishnachari) को मूंदड़ा घोटाले के चलते इस्तीफा देना पड़ा जिसकी वजह नेहरू ने 13 फरवरी, 1958 को वित्त मंत्री का पद संभाल. इस दौरान ही उन्होंने देश के सामने 1958-1959 का आम बजट पेश किया था.     

इंदिरा गांधी 


जवाहर लाल नेहरू के बाद देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने भी देश की संसद में  बजट पेश किया था. इंदिरा की सरकार में वित्त मंत्री मोरारजी देसाई (Finance Minister Morarji Desai) थे, लेकिन उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्रालय अपने पास रखा. इसी कारण से इंदिरा गांधी ने 1970-71 का बजट खुद पेश किया था. ऐसा करके वो देश के सामने बजट पेश करने वाली महिला भी बन गई थीं.

राजीव गांधी 

नेहरू-गांधी परिवार के बाद राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने देश की संसद में आम बजट पेश किया था. राजीव तीसरे सदस्य थे जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री रहते हुए देश का बजट भी पेश किया. दलअसल राजीव गांधी की सरकार में वित्त मंत्री रहे वीपी सिंह (Finance Minister VP singh) के सरकार से बाहर होने के बाद राजीव गांधी ने वित्त मंत्री का पद ग्रहण किया और देश के सामने 1987-88 का आम बजट पेश किया. 

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Reeta Tiwari
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रीटा एक समर्पित लेखक है जो किसी भी विषय पर लिखना पसंद करती है। रीटा पॉलिटिक्स, एंटरटेनमेंट, हेल्थ, विदेश, राज्य की खबरों पर एक समान पकड़ रखती हैं। रीटा नेड्रिक न्यूज में बतौर लेखक काम करती है।

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