Chandrashekhar Azad Barabanki Rally: नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण की रविवार को बाराबंकी के बडेल मैदान में आयोजित जनसभा उस वक्त चर्चा में आ गई, जब एक संदिग्ध युवक हथियार के साथ मंच की ओर बढ़ता हुआ पकड़ा गया। पहले से करणी सेना के विरोध और धमकियों के बीच हो रही इस रैली में हजारों की भीड़ जुटी थी, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए।
मंच तक पहुंचा संदिग्ध, मचा हड़कंप (Chandrashekhar Azad Barabanki Rally)
रैली के दौरान अचानक एक युवक सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मंच की तरफ बढ़ने लगा। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को उस पर शक हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उसकी कमर में पिस्टल बरामद हुई। इस घटना के बाद मैदान में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, समय रहते संदिग्ध को पकड़ लिया गया, जिससे कोई बड़ी घटना टल गई।
खुद को बताया पुलिसकर्मी, लेकिन नहीं दिखा पाया पहचान पत्र
पकड़े गए युवक ने अपना नाम अमित बताया और दावा किया कि वह पुलिस लाइन में तैनात सिपाही है और उसी कार्यक्रम में उसकी ड्यूटी लगी है। लेकिन जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो वह कोई वैध आईडी नहीं दिखा सका।
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठा कि अगर वह ड्यूटी पर था, तो वर्दी में क्यों नहीं था और सादे कपड़ों में हथियार लेकर मंच के पास कैसे पहुंच गया। फिलहाल पुलिस ने उसे कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
करणी सेना की धमकियों के बीच हुई रैली
इस रैली से पहले करणी सेना ने चंद्रशेखर आजाद को बाराबंकी में कार्यक्रम न करने की धमकी दी थी। ऐसे में पहले से ही सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। रैली के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने इन धमकियों का जवाब देते हुए मंच से तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम संघर्ष करने वाले लोग हैं, हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। हम चमड़ा उतारना भी जानते हैं और उसका जूता बनाना भी।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं और कानून के दायरे में रहकर लड़ाई लड़ते हैं।
2027 चुनाव का किया ऐलान
सुरक्षा में चूक के बावजूद चंद्रशेखर आजाद ने अपने संबोधन में राजनीतिक तेवर भी दिखाए। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा को सत्ता से हटाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बाराबंकी की सदर सीट से अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा कि जैसे नगीना में जीत मिली, वैसे ही अब पूरे उत्तर प्रदेश में बदलाव लाया जाएगा। उन्होंने भाईचारे को अपनी राजनीति की ताकत बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है।
विपक्षी दलों पर भी साधा निशाना
चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि महापुरुष किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं होते। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों तक इन दलों को कांशीराम की याद क्यों नहीं आई।
उन्होंने दावा किया कि आज अन्य पार्टियां कांशीराम के नाम का इस्तेमाल कर रही हैं, क्योंकि उनकी पार्टी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। अपने भाषण में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए यह भी कहा कि वे अन्याय के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह एक संदिग्ध युवक हथियार के साथ मंच तक पहुंचने की कोशिश करता है, वह बड़ी चूक मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध वास्तव में कौन था और उसकी मंशा क्या थी।
