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Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat| पंचक, अमावस्या और खरमास का संयोग! फिर भी 19 मार्च को ही होगी घटस्थापना, जानें क्या कहते हैं शास्त्र

Nandani | Nedrick News Published: 17 Mar 2026, 05:37 PM | Updated: 17 Mar 2026, 05:37 PM

Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है और इसी दिन से मां दुर्गा की नौ दिनों तक चलने वाली पूजा-अर्चना शुरू होगी। हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि का शुभारंभ घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होगा, लेकिन इस बार खास बात यह है कि इस दिन पंचक, अमावस्या और खरमास तीनों का संयोग बन रहा है। ऐसे में कई श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन परिस्थितियों में घटस्थापना करना सही रहेगा या नहीं।

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नवरात्रि और घटस्थापना का महत्व (Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat)

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों को समर्पित होता है। इसकी शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और नवमी तक चलता है। नवरात्रि का पहला और सबसे अहम अनुष्ठान घटस्थापना होता है। इसे देवी के आह्वान का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस विधि से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। साथ ही परिवार के लोग एक साथ पूजा करते हैं, जिससे आपसी प्रेम और सौहार्द भी बढ़ता है।

इस बार क्यों खास है नवरात्रि?

इस साल 19 मार्च को घटस्थापना के दिन तीन महत्वपूर्ण ज्योतिषीय स्थितियां एक साथ बन रही हैं.. पंचक, अमावस्या और खरमास।

  • पंचक 16 मार्च शाम 6:14 बजे से शुरू होकर 21 मार्च तक रहेगा।
  • अमावस्या 18 मार्च सुबह 8:25 बजे से शुरू होकर 19 मार्च सुबह 6:52 बजे तक रहेगी।
  • खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहेगा।

यानी नवरात्रि की शुरुआत के समय ये तीनों काल प्रभाव में होंगे, जिससे कई लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

क्या इन दोषों में घटस्थापना करना सही है?

ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों के अनुष्ठान तय तिथि पर ही किए जाते हैं। इन्हें “नियत अनुष्ठान” माना जाता है, जिन पर पंचक, भद्रा या खरमास जैसे दोषों का असर नहीं पड़ता।

विशेषज्ञों का मानना है कि मां दुर्गा की पूजा स्वयं सभी नकारात्मक प्रभावों को समाप्त कर देती है। इसलिए भक्तों को किसी तरह का डर या संकोच रखने की जरूरत नहीं है।

19 मार्च को ही करें घटस्थापना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार भी घटस्थापना 19 मार्च को ही की जाएगी। अमावस्या और प्रतिपदा तिथि दोनों सूर्योदय से मान्य नहीं हैं, इसलिए पूजा, स्नान-दान और कलश स्थापना इसी दिन करना शुभ रहेगा।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 में घटस्थापना के लिए दो प्रमुख मुहूर्त बताए गए हैं:

  • पहला मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से 7:56 बजे तक
  • दूसरा मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

इन समयों में विधि-विधान से पूजा करना सबसे शुभ माना गया है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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