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फिर लगेगी पाबंदियां? Omicron के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र ने राज्यों को पत्र लिखकर दी ये सलाह

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 22 Dec 2021, 12:00 AM | Updated: 22 Dec 2021, 12:00 AM

कोरोना के ओमीक्रोन वेरिएंट की वजह से मुसीबतें एक बार फिर बढ़ने लगी है। देश में तेजी से बढ़ रहे ओमीक्रोन के मामलों में टेंशन बढ़ाई हुई है। ये वेरिएंट अब तक 14 राज्यों में अपने पैर पसार चुका है। कुछ ही दिनों में इसके केस बढ़कर 200 के पार भी पहुंच गए। ओमीक्रोन जिस तरह से कई देशों में अभी तबाही मचा रहा है, उसको लेकर केंद्र सरकार पहले से ही सतर्कता बरत रही है। ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र की तरफ से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक पत्र लिखकर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। 

केंद्र ने अपने इस पत्र में ओमीक्रोन को डेल्टा से तीन गुना ज्यादा संक्रामक बताया और वॉर रूम एक्टिव करने की सलाह दी। इसके साथ ही कोरोना से जुड़े हर अपडेट पर भी नजर रखकर स्थानीय और जिला स्तर पर कड़े और तुरंत कदम उठाने के भी निर्देश दिए। 

सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पत्र में कहा है कि टेस्टिंग और निगरानी बढ़ाने के साथ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश नाइट कर्फ्यू भी लगाएं। साथ ही साथ बड़ी सभाओं पर रोक लगाने, शादियों-अंतिम संस्कार में लोगों को सीमित करने के लिए कदम उठाएं। पत्र में जिला स्तर पर कंटेनमेंट जोन बनाने, इसकी सीमा तय करने, केस की लगातार समीक्षा करने, अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने जैसे कदमों को उठाने की सलाह दी। पत्र में कहा गया कि ऐसी रणनीति से राज्य के बाकी हिस्सों में संक्रमण फैलने से पहले ही स्थानीय स्तर पर काबू हो जाएगा. 

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने वॉर रूम, इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स को एक्टिव करने की भी सलाह दी। साथ ही कहा कि केस ट्रेंड्स को एनालिसिस करें। चाहे केस कम क्यों ना हों, जिला और स्थानीय स्तर पर सक्रिय होकर कार्रवाई करें। फील्ड अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करें। पत्र में कोरोना के नए क्लस्टर कंटेनमेंट जोन, बफर जोन बनाने की सलाह दी। इसमें कहा गया कि कंटेनमेंट में ही संक्रमण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। सभी क्लस्टर में सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाए। 

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अब तक जो वैज्ञानिक सबूत मिले, उससे पता चला कि ओमीक्रोन, डेल्टा से भी तीन गुना ज्यादा संक्रामक है। भारत के कई हिस्सों में डेल्टा के केस पहले से ही सामने आ रहे हैं। राज्यों से 100% वैक्सीन पर फोकस करने के लिए कहा गया है।

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