ऐलोपैथी विवाद: अब तो बीजेपी वाले भी रामदेव की उड़ा रहे खिल्लियां! बीजेपी अध्यक्ष ने बताया योग का कोकाकोला

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 May 2021, 12:00 AM | Updated: 27 May 2021, 12:00 AM

देश इन दिनों कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है। डॉक्टर्स और अस्पतालों से जुड़े लोग लगातार लोगों की जिंदगी बचाने की कोशिशों में लगे हैं। अभी तक कोरोना संक्रमण के कारण 1 हजार के करीब डॉक्टरों की मौत हो गई है। फिर भी वह अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट रहे है और लगातार मरीजों की सेवा में लगे हैं। 

पिछले कुछ दिनों से देश में ऐलोपैथी और आयुर्वेद को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। योगगुरु रामदेव डॉक्टर्स और ऐलोपैथी पर अपनी बयानबाजियों की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता भी रामदेव को निशाने पर लेने लगे हैं। 

आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि बीजेपी के नेता सीधे तौर पर रामदेव के खिलाफ बोलने से बचते हैं। इस मामले पर बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जयसवाल ने अपनी बात रखी है और रामदेव को निशाने पर लिया है।

योग नहीं है चिकित्सा पद्धति

प. चंपारण लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद और बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जयसवाल ने इस मामले को लेकर फेसबुक पर पोस्ट किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, ’विगत कुछ दिनों से एक अजीब प्रतियोगिता देख रहा हूं। हर बेतुकी बात का जवाब देना कोई आवश्यक नहीं होता है। ज्यादा बोल कर आप किसी को जरूरत से ज्यादा तवज्जो देने लगते हैं। अभी आईएमए भी ऐसा ही कर रहा है।‘

बीजेपी सांसद ने कहा, ‘बाबा रामदेव एक अच्छे योग गुरु जरुर हैं पर योगी नहीं हैं। योग के प्रति उनके ज्ञान पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। लेकिन योगी उसको कहते हैं जो अपने मस्तिष्क सहित सभी इंद्रियों पर काबू पा ले। योग जीवन में बहुत आवश्यक है क्योंकि यह आपको निरोग रखता है पर योग चिकित्सा पद्धति नहीं है। हजारों वर्षों से हमारे यहां इलाज के लिए चरक संहिता और सुश्रुत की शल्य क्रिया ही चलती थी, कोई योग गुरु नहीं चलते थे।‘

रामदेव योग का कोका कोला…

संजय जायसवाल ने रामदेव पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘बाबा रामदेव जी को मैं मजाक में योग का कोका कोला बोलता हूं। हमारे यहां ठंडे पेय के रूप में सदियों से शिकंजी और ठंडई का इस्तेमाल होता रहा है। पर अब हर घर में कोको कोला और पेप्सी ने जगह बना ली है। उसी प्रकार भारतवर्ष में हजारों अति विशिष्ट योग साधक रहे हैं जिन्होंने भारतीय संस्कृति एवं जीवन प्रणाली में मूलभूत परिवर्तन किए हैं पर योग को घर-घर पहुंचाने मे बाबा रामदेव के योगदान को नकारा नहीं जा सकता है।‘

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