मौत का दूसरा नाम गोरखा रेजिमेंट, देश की खतरनाक बैटेलियन का ये है भयंकर इतिहास
गोरखा रेजिमेंट का इतिहास 1947 में अंग्रेज़ो से आजादी मिलने के बाद भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ जिसमें तत्कालीन 10 गोरखा रेजीमेंट ईस्ट इंडिया कंपनी के पास थी जिसमें से 6 गोरखा रेजिमेंट्स ने भारतीय सेना को चुना और बाकी 4 ने ब्रिटिश। भारतीय सेना में बहादुरी और मौत को...
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