Ashiyana Murder Case: राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर-एल में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। एक 45 वर्षीय शराब कारोबारी की उसके ही 20 साल के बेटे द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। इतना ही नहीं, आरोपी ने शव के टुकड़े कर उन्हें घर में रखे ड्रम में छिपा दिया। इस वारदात ने रिश्तों, पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। आरोपी बेटा अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
और पढ़ें: JNU Violence News: रात 1:30 बजे बेकाबू हुए JNU के हालात, बाथरूम तक घुसा हिंसक झगड़ा
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज (Ashiyana Murder Case)
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोमवार सुबह अक्षय खुद आशियाना कोतवाली पहुंचा और पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता 20 फरवरी की सुबह दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे और उसके बाद से लौटे नहीं हैं। उसने यह भी कहा कि उनका मोबाइल फोन बंद है और किसी अनहोनी की आशंका है।
यूपी, लखनऊ
19 साल का लड़का अक्षय प्रताप सिंह ने अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी!
फिर इस जल्लाद बेटे ने बाप के शव के अंगों को टुकड़ों में काट दिया!
बाप-बेटे मे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मामूली विवाद हुई थी!
क्या हो गया है इन नौजवानों को? pic.twitter.com/0jvdDP1DfJ
— Sadaf Afreen صدف (@s_afreen7) February 23, 2026
शुरुआत में मामला सामान्य गुमशुदगी का लगा, लेकिन पुलिस को उसकी बातों में विरोधाभास नजर आया। घर लौटने के बाद अक्षय ने अपने पिता के दोस्त सोनू गुप्ता को बताया कि मानवेंद्र सिंह ने आत्महत्या कर ली है। यही दो अलग-अलग बयान पुलिस को खटक गए और शक गहरा गया।
पूछताछ में टूटा आरोपी
जब पुलिस और आसपास के लोगों ने सख्ती से पूछताछ की तो अक्षय टूट गया। उसने कबूल किया कि 20 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे पिता से उसका विवाद हुआ था। बात इतनी बढ़ गई कि उसने घर में मौजूद लाइसेंसी रायफल से गोली चला दी। गोली लगते ही मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद की हैवानियत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने शव के हाथ-पैर अलग कर दिए और शरीर के ऊपरी हिस्से को प्लास्टिक के बड़े ड्रम में छिपा दिया। तीसरी मंजिल पर रखे इसी ड्रम से शव का ऊपरी हिस्सा बरामद किया गया है।
घर से 20 लीटर एसिड से भरा गैलन भी मिला है। आशंका है कि आरोपी शव को नष्ट करने की तैयारी में था। हाथ-पैर की तलाश अभी जारी है। इस बर्बरता ने पुलिस टीम को भी स्तब्ध कर दिया।
बहन को दी धमकी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी 17 वर्षीय छोटी बहन कृति को धमकाया था कि वह किसी को कुछ न बताए। डर के कारण वह कई दिनों तक चुप रही। अब पुलिस उसका बयान दर्ज कर रही ह
परिवार और मकान की स्थिति
मानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन जिले के उदयपुरा गांव के रहने वाले थे। लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में उनका तीन मंजिला मकान है।
- ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए था।
- पहली मंजिल पर उनके छोटे भाई, पुलिस इंस्पेक्टर एस.एस. राजावत रहते थे, जो घटना के समय गांव गए हुए थे।
- दूसरी और तीसरी मंजिल पर मानवेंद्र सिंह अपने बच्चों के साथ रहते थे।
मृतक का अच्छा-खासा कारोबार था। आशियाना और कानपुर रोड बाराबिरवा चौराहे पर उनकी शराब की दुकानें थीं। सालेहनगर और बुद्धेश्वर में पैथोलॉजी सेंटर भी संचालित होते थे। उनकी पत्नी का निधन 2017 में हो चुका था।
करियर का दबाव बना वजह?
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर सिंह के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि पिता बेटे पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर दबाव बना रहे थे। इसी बात पर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 20 फरवरी को भी कहासुनी बढ़ी और गुस्से में आकर बेटे ने गोली चला दी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह हत्या अचानक हुई या पहले से कोई योजना बनाई गई थी।
जांच तेज, घर सील
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी सेंट्रल, एसीपी कैंट, आशियाना थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर को सील कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और हथियार की फोरेंसिक जांच की जा रही है। आरोपी के दादा, रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर एस.पी. सिंह से भी पूछताछ हो रही है।
इलाके में सनसनी
आशियाना का सेक्टर-एल एक पॉश और शांत इलाका माना जाता है। पड़ोसियों के मुताबिक परिवार संपन्न और सामान्य दिखता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि घर के भीतर ऐसा खौफनाक मंजर छिपा होगा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।































