Asha Bhosle: 12 अप्रैल 2026 को बॉलीवुड ने ही नहीं बल्कि पूरे भारत ने एक दिवा को हमेशा के लिए खो दिया.. 92 साल की उम्र में संगीत की दुनिया की सेंसेशन आशा भोंसले (Asha Bhosle) ने हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की थी। आज शाम 4 बजे मुंबई के Shivaji Park में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। आशा भोंसले के सिंगिग के स्टाइल की दुनिया दिवानी है, लेकिन ये राह उनके लिए आसान कभी नहीं थी।
70 साल के करियर में बहुत उतार चढ़ाव देखा
बहन और स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जैसी दिग्गज गायिका की बहन होने का फायदा था तो नुकसान भी कम नहीं.. बहन की गायिकी से तुलना होती थी.. लेकिन बचपन से ही जिद्दी आशा ताई ने ये साबित किया कि वो अपनी अलग पहचान के साथ जियेंगी.. उनकी गायिकी अलग होगी, उनका स्टाईल अलग होगा.. समय लगा लेकिन उन्हें वो पहचान मिली, जिसकी वो वाकई में हकदार थी.. लेकिन अपने 70 साल के करियर में उन्होंने बहुत उतार चढ़ाव देखा.. 16 साल की उम्र में बगावत कर शादी करने से लेकर तीन बच्चों के साथ घर छोड़ने का दर्द झेला, तो वहीं अपने प्यार को आंखो से सामने दुनिया से जाते देखा.. लेकिन अंतिम दर्शन करने की हिम्मत नहीं कर पाई.. अपने इस लेख में हम आशा ताई (Asha Bhosle) से जुड़े कुछ ऐसे किस्सो के बारे में जानेंगे.. जो उनके दर्द की कहानी कहते है। 8 सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में दीनानाथ मंगेशकर के घर जन्मी आशा भोंसले बचपन से ही काफी जिद्दी थी। मात्र 9 साल की उम्र में पिता को खोने वाली आशा ताई को उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर ने संभाला था, वो अपने भाई बहनो के साथ पहले पूणे और फिर मुम्बई आ गई। जहां लता मंगेशकर के साथ साथ आशा भोंसले (Asha Bhosle) को भी मात्र 10 साल की उम्र में गायिकी करने का मौका मिला। उन्होंने मराठी फिल्म मांझा बल में पहली बार सिंगिग की थी।
सिंगिंग का स्टाईल बदला तो पहचान मिलने लगी
आशा भोंसले (Asha Bhosle) खुद को एक्सीडेंटल सिंगर कहती थी। आशा ने अपनी सिंगिंग का स्टाईल बदला तो उन्हें पहचान मिलने लगी.. लेकिन मात्र 16 साल की अपनी जिद के आगे उन्होंने किसी की बात सुने बिना ही लता मंगेशकर के 31 साल के सेक्रेटरी गणपत राव से शादी कर ली… पूरा परिवार नाराज हो गया, लेकिन आशा ताई ने अपने दिल की सुनी.. लेकिन उनका सपना जल्द टूट गया.. दरअशल गणपत राव को ये बात खटकने लगी थी कि लता मंगेशकर आशा भोंसले के कंपेयर में बेहतर थी और उन्हें ज्यादा काम मिलता था, बस फिर क्या था गणपत राव और उनका परिवार आशा भोंसले (Asha Bhosle) को मानसिक रूप से तंग किया जाता।
उन्हें बार बार लता मंगेशकर से पैसे मांगने को कहा जाता था। परिवार के साथ रिश्ते तब सुधरे जब उनके पहले बेटे हेमंत पैदा हुए। उसके बाद उनके दो और बच्चे हुए, बेटी वर्षा और बेटा आनंद। 1950 में ओपी नय्यर ने आशा को नई पहचान दिलाई थी.. लेकिन उनका पति के साथ रिश्ता खराब होने लगा। तीसरे बच्चे के साथ जब वो गर्भवति थी तभी वो अपना ससुराल छोड़ कर अपने मायके लौट आई.. 1960 में दोनो अलग हो गये थे, और 1966 में गणपत राव की मौत हो गई थी।
फिर से आशा भोंसले की जिंदगी में आया प्यार
आशा भोंसले (Asha Bhosle) अकेले अपने बच्चो को संभाल रही थी और करियर में अपने सिंगिग से करोड़ो फैंस के दिलों पर राज कर रही थी। अपना स्टाईल बदलने का फायदा उन्हें हुआ.. लेकिन तब उन्हें ये अंदाजा नहीं था कि उनका ये स्टाइ उनकी जिंदगी में सच्चा प्यार भी ला सकता है। 60 के दशक के मशहूर संगीतकार आरडी बर्मन के साथ उनकी जोड़ी काफी मशहूर हुई.. एक की दमदार सिंगिग और दूसरे की यूनिक म्यूजिक.. इस जोड़ी ने धमाल मचाया.. और इस दौरान आशा ताई और आरडी बर्मन एक दूसरे के करीब आ गए थे। आरडी बर्मन आशा ताई से करीब 6 साल छोटे थे, लेकिन उम्र का ये फासला प्यार के आगे हार गया औऱ दोनो ने 1980 में शादी कर ली।
उस वक्त आशा ताई (Asha Bhosle) 47 साल की थी, लेकिन दोनो के बीच की कैमिस्ट्री काफी खूबसूरत थी। मगर 1994 में मात्र 54 साल की उम्र में आरडी बर्मन की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी.. ये आशा ताई के लिए बेहद शॉकिंग था। कहा जाता है कि आशा भोंसले आरडी बर्मन की मौत के बाद उनके कमरे में अंतिम दर्शन के लिए नहीं गई थी, क्योंकि वो कहती थी कि वो आरडी बर्मन को जीवित देखना चाहती थी, मृत नहीं। आशा ताई ने किसी तरह से खुद को संभाला.. और गायकी में खुद को झोंक दिया।
आशा ताई की कुल सम्पति
कहा जाता है कि 1950 और 60 के दशक में जहां लता जी को एक गाने के लिए करीब 500 रुपये मिलते थे, वहीं आशा जी को सिर्फ 100 से 150 रूपए ही मिलते थे, जो उनके लिए बड़ी चुनौती था, लता मंगेशकर पहली पसंद हुआ करती थीं, वहीं आशा जी को थोड़ा हटकर या एक्सपेरिमेंटल गाने मिलते थे, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनाया, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई…लगातार मेहनत और हुनर के दम पर आशा भोसले ने न सिर्फ अपनी फीस बढ़ाई, बल्कि एक बड़ा आर्थिक साम्राज्य भी खड़ा किया..साल 2026 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
अंतिम सफर पर आशा भोसले जी का पार्थिव शरीर…#AshaBhosle #AshaBhosleDeath #RIP #Nedricknews pic.twitter.com/M37N5REaKG
— Nedrick News (@nedricknews) April 13, 2026
आशा भोंसले (Asha Bhosle) मने अपने 70 साल के करियर में करीब 20 भाषाओं में 12 हजार गाने गाये थे। आशा भोसले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। । 2005 में उन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला था, तो वहीं 2011 में सबसे ज्यादा स्टूडियो रिकॉर्डिंग का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हुआ। आशा भोंसले ने कई अपनो को खोया, जिसमें उनके दो बच्चे भी शामिल है। 2012 में उनकी बेटी ने डिप्रेशन के कारण सुसाइड कर लिया था तो वहीं उनके बेटे हेमंत की 2015 में कैंसर के कारण मौत हो गई थी। आशा भोंसले (Asha Bhosle) का निधन एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं की सकती है। वो एक लिजेंडरी बन कर रही। वो पदम भूषण के साथ साथ बंग विभूषण, महाराष्ट्र भूषण और दादा साहब फाल्के अवार्ड से भी सम्मानित की गई थी। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया।





























