Akshaya Tritiya 2026: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व धन, समृद्धि और शुभता का प्रतीक होता है। साल 2026 में यह पावन अवसर 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। इस बार की अक्षय तृतीया को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जो लगभग 100 साल बाद देखने को मिल रही है। इस दिन ब्रह्मांड में कई शक्तिशाली योग बनेंगे, जो लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।
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100 साल बाद बन रहा है अद्भुत योग| Akshaya Tritiya 2026
इस बार अक्षय तृतीया पर सूर्य और चंद्रमा दोनों ही अपनी-अपनी उच्च राशियों में विराजमान रहेंगे। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित होंगे। ज्योतिष शास्त्र में यह स्थिति बेहद दुर्लभ मानी जाती है और इसे ‘अक्षय योग’ कहा जाता है, जो हर तरह की सफलता और स्थायी लाभ देने वाला माना जाता है।
इसके साथ ही वृषभ राशि में शुक्र और चंद्रमा की युति से ‘मालव्य राजयोग’ और ‘गजकेसरी योग’ का भी निर्माण हो रहा है। इन तीनों योगों का एक साथ बनना इस दिन को और भी खास बना रहा है।
इन राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा
मेष राशि:
इस राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद लाभकारी रहने वाला है। सूर्य का आपकी ही राशि में उच्च का होना मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी करेगा। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और व्यापार में अच्छा मुनाफा होने के संकेत हैं।
वृषभ राशि:
चंद्रमा के उच्च का होने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी। इस दौरान वाहन या संपत्ति खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं।
सिंह राशि:
सूर्य के प्रभाव से इस राशि के लोगों को करियर में बड़ा फायदा मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या इंक्रीमेंट मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं।
वृश्चिक राशि:
इस राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं और अचानक धन लाभ मिलने की संभावना है, जैसे पैतृक संपत्ति या फंसा हुआ पैसा।
खरीदारी और पूजा का शुभ मुहूर्त
इस शुभ दिन पर पूजा और खरीदारी का विशेष महत्व होता है।
- पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
- सोना और संपत्ति खरीदने का समय: 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल सुबह 05:51 बजे तक
मान्यता है कि इस समय में की गई खरीदारी और पूजा से घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है।
क्यों खास है अक्षय तृतीया?
‘अक्षय’ का मतलब होता है जो कभी खत्म न हो। इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और निवेश का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। यही वजह है कि इस दिन सोना खरीदना, नई शुरुआत करना या निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है।
आस्था और विश्वास का पर्व
अक्षय तृतीया सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बने दुर्लभ योगों को देखते हुए इस बार का पर्व और भी खास हो गया है। ज्योतिषियों का मानना है कि यह दिन कई लोगों के लिए नई शुरुआत और आर्थिक उन्नति का रास्ता खोल सकता है। ऐसे में लोग इस दिन का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और खरीदारी कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि ला सकें।
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