गुजरात दंगे के बाद ममता बनर्जी ने सदन में किया था बीजेपी के पक्ष में मतदान…बोले असुद्दीन ओवैसी

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Published: 03 Apr 2021, 12:00 AM | Updated: 03 Apr 2021, 12:00 AM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (West Bengal Election 2021) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों पर विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। पिछले चुनाव में मात्र 3 सीटें जीतने वाली बीजेपी दो चरणों के मतदान में ही 50 सीटें जीतने का दावा कर रही है। 

सत्ताधारी TMC भी अपने स्टार प्रचारकों के साथ चुनावी दंगल में है। TMCका आरोप है कि बीजेपी ध्रुवीकरण के जरिए सारे हिंदू वोट अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। 

वहीं, ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर मुस्लिम वोटों को बांटने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। जिसके बाद अब ओवैसी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने ममता बनर्जी को 2002 में हुए गुजरात दंगे की याद दिला दी है।

‘बीजेपी हैदराबाद से एक गाय लेकर आई है’

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अप्रत्यक्ष रुप से असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को निशाने पर लेते हुए कहा था कि ‘बीजेपी हैदराबाद से एक गाय लेकर आई है। उसने बीजेपी से पैसे लिए हैं, हमें उन्हें यहां टिकने नहीं देना है।‘ जिसके बाद ओवैसी ने लगातार ट्वीट करते हुए ममता बनर्जी पर हमला बोला है।

…गुजरात के पीड़ितों को मंत्री पद के लिए बेच दिया?

AIMIM चीफ ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘30 अप्रैल 2002 को जैसा कि गुजरात जल रहा था और पीड़ित अभी शिविरो में थे। लोकसभा गुजरात हिंसा की निंदा करने के लिए प्रस्ताव पर चर्चा कर रही थी। ममता बनर्जी ने इसके खिलाफ और भाजपा के पक्ष में मतदान किया। क्या दीदी ने गुजरात के पीड़ितों को मुफ्त में या एक मंत्री पद के लिए बेच दिया?’

ओवैसी ने कहा, ‘हम इंसान हैं और हम यहां सिर्फ ममता बनर्जी को जिताने के लिए पैदा नहीं हुए। हमें सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और राजनीतिक सशक्तिकरण चाहिए। जब वे (ममता बनर्जी) 2003 में भाजपा-आरएसएस के साथ करीबियां बढ़ा रही थीं, तब भी हम उसका विरोध कर रहे थे। वो मंत्री बनीं, मुख्यमंत्री बनीं पर हमें क्या मिला?’

क्या बीजेपी की पुरानी साथी हैं ममता बनर्जी?

सांसद ने आगे कहा, ‘सिर्फ आपराधिक गैंग ही क्षेत्रों को अपने बीच बांटते हैं और जब कोई घुसता है तो एक-दूसरे पर हमला करते हैं। चूंकि मैं इस आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा नहीं हूं, इसलिए ममता बनर्जी का परेशान होना लाजिमी है।‘

असदुद्दीन ओवैसी ने प्रदेश में मुस्लिमों की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘मुस्लिमों को सरकारी नौकरियों में आबादी के हिसाब से हिस्सा मिलने में 60 साल लगेंगे। ममता बनर्जी आरएसएस की पसंद से स्वघोषित धर्मनिरपेक्ष बन गईं। बंगाल में मुस्लिमों की एक पूरी पीढ़ी बिना जमीन के गरीब-अशिक्षित रही। कोई भी हैदराबादी मुस्लिम इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।‘

AIMIM चीफ ने आगे कहा, ’क्या हम इस बेइज्जती के लिए भाजपा के पुराने साथियों को वोट देंगे, अगर इस हैदराबादी मुस्लिम के पास कहने के लिए कुछ है, तो बिल्कुल नहीं। इसलिए हम मुस्लिमों में डर फैलाने के अलावा और कुछ न करने के लिए ममता बनर्जी से सवाल पूछना जारी रखेंगे।‘

तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारी में टीएमसी

बता दे, 294 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम बंगाल के 60 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। शेष सीटों पर चुनाव अगले 6 चरण में होने वाले हैं। राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों को अंतिम स्वरुप दे रही है। बीजेपी इस चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा कर रही है। तो वहीं, दूसरी ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कवायद में है। टीएमसी भी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा कर रही है।

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