Afghanistan Pakistan War: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। डूरंड लाइन के आसपास हालिया घटनाओं ने दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट घोल दी है। तालिबान के खुफिया अधिकारी जबर नोमानी ने पश्तून और बलूच समुदाय के लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सीमा पार से नागरिक इलाकों को निशाना बनाए जाने की साजिश रची जा रही है।
डूरंड लाइन के पास बिगड़े हालात | Afghanistan Pakistan War
सूत्रों के मुताबिक, स्पिन बोल्डक, शोराबक और अली-शेर जिलों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने हुए हैं। अफगान पक्ष का आरोप है कि पाकिस्तानी बलों ने पश्तून और बलूच नागरिकों के घरों पर मोर्टार और तोपखाने से हमले किए। इन हमलों के बाद अफगान बलों ने इसे सीधी चुनौती मानते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।
जबर नोमानी ने दावा किया है कि पाकिस्तानी कमांडरों ने अपने सैनिकों को नागरिक ठिकानों पर हमला करने के निर्देश दिए, ताकि बाद में इसका ठीकरा अफगान तालिबान पर फोड़ा जा सके। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
अफगान बलों की जवाबी सैन्य कार्रवाई
काबुल और इस्लामाबाद के बीच बढ़ते तनाव के बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी ऑपरेशन की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, कांधार प्रांत के स्पिन बोल्डक और शोराबक जिलों में अफगान बलों ने तीन पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य चौकियों को भी अपने नियंत्रण में लेने की बात कही जा रही है।
इस कार्रवाई में हवाई हमलों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी ऑपरेशन चलाया गया। अफगान सूत्रों का दावा है कि इस झड़प में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि एक सैनिक को जिंदा पकड़ा गया है। वहीं खोस्त प्रांत के अली-शेर जिले में भी दो और पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा करने की सूचना सामने आई है।
कई इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज
सिर्फ सीमावर्ती जिलों तक ही यह टकराव सीमित नहीं रहा। काबुल, नंगरहार और कंधार में भी सैन्य गतिविधियों के बढ़ने की खबर है। हालांकि इन हमलों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन हालात को देखते हुए यह साफ है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की खाई और चौड़ी हो गई है।
पाकिस्तान की चुप्पी
इन गंभीर आरोपों और सैन्य कार्रवाई के बावजूद पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस चुप्पी ने स्थिति को और रहस्यमय बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल सीमा पर हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। आम नागरिकों में डर का माहौल है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात शांत होंगे या टकराव और गहराएगा।
