Aditya Dhar Struggle Story: जब से धुंरधर औऱ धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर रीलिज हुई है तब से ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री में इन फिल्मों के सितारों से ज्यादा फिल्म के निर्देशक आदित्य धर छाये हुए है। लोग उनकी तारीफों के पुल बांध रहे है। उनकी स्क्रिपटिंग हो या फिर टाइमिंग सबकुछ बेहद दमदार रहा है.. वो भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने जा रही है, इस एक फिल्म ने न केवल आदित्य धर की, बल्कि रणवीर सिंह की भी जबरदस्त वापिसी करा दी है.. लेकिन क्या आप ये जानते है कि एक वक्त ऐसा था जब वो अपनी फिल्म बनाने की तैयारी शुरु कर चुके थे, और शूटिंग के मात्र 15 दिन पहले पाकिस्तान की ओर से की गई एक हरकत के कारण उनका सपना अधूरा रह गया।
वो पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान को लेकर फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फवाद खान भी पीछे हट गए और आदित्य को कई सालों का इंतजार फिर करना पड़ा। अपने इस वीडियो में हम जानेंगे कि कैसे एक क्रिकेटर बनने का सपना टूटा और वो फिल्मों में आये और यहां भी उन्होंने एक बड़ी पहचान के लिए करीब 15 साल इंतजार करना पड़ा था।
फिल्मी लाइन में आना चाहते आदित्य धर
दरअसल धुरंधर हो या धुरंधर 2, कैसे रियल लाइफ कैरेक्टर को लेकर एक फिक्शन कहानी बनानी है..और सारी टाइमिंग परफेक्टली मैच कैसे करानी है, इसका प्रेजेंश ऑफ माइंड आदित्य में बखूबी है। लेकिन अगर आप ये पूछेंगे कि क्या आदित्य हमेशा से फिल्मी लाइन में आना चाहते थे तो इसका जवाब है नहीं.. दरअसल आदित्य तो एक स्पिनर के तौर पर खेल कर भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनना चाहते थे। लेकिन अंडर 19 उसका सेलेक्श न होना..और आदित्य ने अपने इस सपने को किया टाटा बाय बाय..और पहुच गए मुम्बई। आदित्य धर का जन्म 12 मार्च 1983 को एक कश्मीरी पंडित फैमिली में हुआ था, जो कि दिल्ली में बसा हुआ था।
screenwriting के गुर सीखे
यहीं से आदित्य की पढ़ाई हुई..और बचपन से ही क्रिकेट खेलने लगे। आदित्य को बचपन में डिस्लेक्सिया की बीमारी के कारण उन्हें पढ़ने लिखने में दिक्कत होती थी… इसलिए पढ़ाई से ज्यादा उन्होंने खेल में ध्यान दिया और इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी पहनने का सपना पालना शुरु कर दिया था, इस दौरान वो म्यूजिक थिएटर से भी जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने screenwriting के गुर भी सीखे थे। वहीं जब अंडर 19 में उन्होंने जगह नहीं मिली तो उन्होंने इस सपने को वहीं अलविदा कह कर एंटरटेनमेंट इंटस्ट्री में कदम रखने का फैसला किया था। उनके बड़े भाई, लोकेश धर, UTV मोशन पिक्चर्स और बाद में Fox Star Studios में स्टूडियो एग्जीक्यूटिव थे, और दोनो भाई ने मिल कर ‘B62 Studios’ नाम की एक प्रोडक्शन कंपनी की सह-स्थापना की।
प्रियदर्शन के असिस्टेंड डायेरेक्टर के तौर पर काम किया
हालांकि आदित्य ने शुरुआत में प्रियदर्शन के असिस्टेंड डायेरेक्टर के तौर पर काम किया लेकिन साथ ही वो गीतकार भी थे, उन्होंने ‘काबुल एक्सप्रेस’ में राघव सचर, हाल-ए-दिल’ और ‘डैडी कूल’ के लिए भी गीत लिखे। इसके अलावा ‘आक्रोश’ और ‘तेज़’ के लिए डयलॉग भी लिखे थे। आदित्य चाहते थे कि वो खुद की फिल्म बनाये, 2016 में करण जौहर ने उन्हें अनुमति भी दे दी, फिल्म थी रात बाकी.. कटरीना कैफ़ और पाकिस्तानी अभिनेता फ़वाद ख़ान लीड रोल में थे लेकिन शूटिंग शुरू होने से पहले ही 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकी हमला हो गया.. नतीजा भारत ने एक्शन लिया और सभी पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में बैन कर दिया।
फिल्म से केवल फवाद ही बाहर नहीं हुए बल्कि फिल्म भी ठंडे बस्ते में चली गई। आदित्य का सपना फिर टूट गया था.. लेकिन आदित्य ने जिस हमले के कारण आदित्य का सपना टूटा था उसे ही सपना बना लिया.. उन्होंने उरी हमलो और सर्जिकल स्ट्राइक पर ही फिल्म लिख डाली.. करीब छह महीने की तैयारी की और 12 दिन में स्क्रिप्ट तैयार कर दी और 2019 में इसके रीलिज होते ही इस फिल्म ने बता दिया कि अब फिल्म इंडस्ट्री को एक नायाब हीरा मिल गया है। फ़िल्म के डायलॉग ‘हाऊज़ द जोश?’तो आज भी जज्बा भर देता है। बतौर लेखक उनकी और दो फ़िल्मों, ‘आर्टिकल 370’ और ‘बारामूला’, भी देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों पर बेस्ड रही थी.. लेकिन धुरंधर ने जो कमाल किया है.. उसने आदित्य धर का लेवल कई गुणा ज्यादा बढ़ा दिया है। हैरानी की बात है कि अगर उरी हमला न होता तो आदित्य की और भी बेहतरीन फिल्में देखने को मिलती।































