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ऐश्वर्या के बहू बनने के बाद ससुर अमिताभ बच्चन ने उनसे किया था एक वादा, निभाने में चुंक गए बिग बी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 05 Aug 2024, 12:00 AM | Updated: 05 Aug 2024, 12:00 AM

बिग बी के घर में इस समय कुछ भी ठीक नहीं है। ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के तलाक की चर्चा हर तरफ हो रही है। एक समय था जब बॉलीवुड के दिगज्ज अभिनेता अमिताभ बच्चन एक आदर्श परिवार के लिए जाने जाते थे। बॉलीवुड में उनका परिवार एक मजबूत परिवार था जो काफी समय तक मजबूटी के साथ एक साथ टिका रहा लेकिन शायद उनके खुशहाल परिवार पर किसी की बुरी नजर लग गई जिसकी वजह से आज उनके दोनों बच्चों का तलाक हो गया और उनका घर पूरी तरह से बिखर गया। इसी बीच बिग बी का अपनी बहू ऐश्वर्या से किया एक वादा सुर्खियों में है जो उन्होंने अपने बेटे अभिषेक की शादी के बाद ऐश्वर्या से किया था। चलिए आपको बताते हैं क्या था वो वादा।

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ऐश्वर्या से किया था वादा

यह किस्सा साल 2008 का है। असल में, बिग बी ने अपने परिवार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के दौलतपुर गांव में ऐश्वर्या के नाम पर कॉलेज की आधारशिला रखी थी, जिसमें उनका बेटा अभिषेक, पत्नी जया बच्चन और बहू ऐश्वर्या राय बच्चन शामिल थे। हालांकि, जो हुआ वह चौंकाने वाला था। बच्चन परिवार ने इसे ‘ऐश्वर्या बच्चन कन्या महाविद्यालय’ नाम देने का विकल्प चुना, जो सुनने में एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लगता है। यानी कक्षा 9 से 12 तक की छात्राएं इस स्कूल में पढ़ेंगी। दुख की बात है कि भूमि सौदे से लेकर स्कूल के लेआउट तक हर खबर सुर्खियां बनीं, लेकिन दुख की बात है कि योजनाओं के बावजूद स्कूल सिर्फ एक खाका ही बनकर रह गया।

इस वजह से पूरा नहीं हो पाया वादा

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमिताभ ने इस प्रोजेक्ट को निष्ठा फाउंडेशन को सौंप दिया, जिसकी अध्यक्ष जया प्रदा हैं। वादा पूरा होते देख गांव वालों ने निर्माण के लिए 10,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा ज़मीन भी देने की पेशकश की। फिर भी कॉलेज एक अधूरा सपना ही रहा। जब करीब 10 साल तक सपने पूरे नहीं हुए तो 2018 में दौलतपुर के लोगों ने इसे अपने हाथों में लिया और स्कूल की जगह पर डिग्री कॉलेज की स्थापना सफलतापूर्वक की।
गांव वालों ने अपने सपने को हकीकत में बदलने के लिए बमुश्किल 500 मीटर दूर एक अलग ज़मीन पर काम करने का फ़ैसला किया। गांव के 40 वर्षीय शिक्षक सत्यवान शुक्ला ने गांव वालों के साथ मिलकर इस पहल की अगुआई की और कॉलेज के लिए करीब 60 लाख रुपए जमा किए। सत्यवान शुक्ला के पिता और भाई ने कॉलेज के लिए 10,000 वर्ग मीटर ज़मीन दान की और अब दौलतपुर डिग्री कॉलेज हकीकत बन गया है।

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